स्वर को अंतिम विदाई: आशा भोसले की अस्थियां वाराणसी में गंगा में विसर्जित
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई।
स्वरसम्राज्ञी आशा भोसले की अंतिम इच्छा के अनुसार आज वाराणसी में पवित्र गंगा नदी में उनकी अस्थियों का विधिवत विसर्जन किया गया। उनके निधन के 9वें दिन यह धार्मिक विधि पूरे वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धा के साथ संपन्न हुई।इस दौरान सरकार के सांस्कृतिक मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार, योगेश खडिकर, स्थानीय विधायक अवधेश सिंह सहित ‘जीवनगाणी’ मित्रपरिवार के सदस्य तथा अन्य करीबी परिजन भी उपस्थित रहे।
वाराणसी के नमो घाट से आशाताई की तस्वीर से सजी, फूलों से सजाई गई नाव में अस्थि कलश को गंगा की लहरों पर आगे बढ़ाया गया। इस दौरान पृष्ठभूमि में उनके अमर गीतों की मधुर धुनें वातावरण को भावुक कर रही थीं। एनडीआरएफ जवानों की मानवंदना देती नावें भी साथ चल रही थीं, जिससे पूरे आयोजन में एक विशेष श्रद्धांजलि का दृश्य बना रहा।
अस्थि कलश को मंत्रोच्चार के साथ मणिकर्णिका घाट तक ले जाया गया, जहां आशा भोसले के पुत्र आनंद भोसले ने विधिवत पिंडदान कर अस्थि विसर्जन किया। इस अवसर पर उनकी पत्नी अनुजा और पुत्री जनाई भी मौजूद रहीं।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार, योगेश खडिकर, स्थानीय विधायक अवधेश सिंह सहित ‘जीवनगाणी’ मित्रपरिवार के सदस्य तथा अन्य करीबी परिजन भी उपस्थित रहे।
संगीत जगत की अनमोल धरोहर आशा भोसले को इस तरह गंगा में अंतिम विदाई दी गई। उनके सुरों की विरासत भारतीय संगीत में हमेशा जीवित रहेगी।
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