
“महाचतुर एआई चैटबॉट” से कौशल प्रशिक्षण, रोजगार, उद्यमिता और मार्गदर्शन एक ही मंच पर उपलब्ध होगा
– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
असंगठित कौशल क्षेत्र को एकजुट कर महाराष्ट्र को और सशक्त बनाएंगे
– मंगलप्रभात लोढ़ा, कौशल विकास मंत्री
डेटा सुरक्षा के लिए ज्ञान और उद्योग क्षेत्र की भागीदार संस्थाओं के साथ सामंजस्य करार
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र के युवाओं के लिए ‘महाचतुर एआई चैटबैट’ वरदान साबित होगा जहां कौशल प्रशिक्षण, रोजगार, उद्यमिता और मार्गदर्शन एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की पहल से विकसित यह चैटबॉट देश में किसी राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया इस प्रकार का पहला अभिनव उपक्रम है। इस चैटबॉट के माध्यम से युवाओं की शिक्षा से रोजगार तक की यात्रा अधिक सुगम होगी और उद्योगों को कुशल मानव संसाधन शीघ्र उपलब्ध होगा।
सह्याद्री अतिथिगृह में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के ‘चैटबॉट’ लोकार्पण तथा सामंजस्य करार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोल रहे थे। कार्यक्रम में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के मंत्री मंगलप्रभातजी लोढ़ा, अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, राज्य नवाचार सोसायटी के आयुक्त डॉ. अमित सैनी, व्यवसाय एवं प्रशिक्षण संचालनालय के संचालक सतीश सूर्यवंशी, जापान के वाणिज्यदूत हितोमि सातो, जर्मनी के वाणिज्यदूत क्रिस्टोफ हेलिअर, कोरिया के वाणिज्यदूत यो डाँवॉन, फिनलैंड के वाणिज्यदूत इरिक एफ हॉलस्ट्रॉम तथा विभिन्न उद्योग एवं शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय भागीदार उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस जी ने कहा कि भारत की 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है और यह डेमोग्राफिक एडवांटेज देश के विकास के लिए एक बडा अवसर है। इस युवा शक्ति को कौशल प्रशिक्षण देकर अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में लाना आवश्यक है, इसलिए केंद्र और राज्य सरकार ने कौशल विकास को प्राथमिकता दी है। महाराष्ट्र में भी कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

उद्योग को श्रम शक्ति और युवाओं के रोजगार का सेतु बनेगा चैटबॉट
उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन चाहिए और युवाओं को रोजगार चाहिए। इन दोनों के बीच प्रभावी सेतु का कार्य ‘महाचतुर चैटबॉट’ करेगा। एआई आधारित यह चैटबॉट कौशल प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर, उद्यमिता मार्गदर्शन, आवेदन प्रक्रिया, असेसमेंट और मार्केट लिंकज जैसी सभी सेवाएं वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि विशेष रूप से रोजगारोन्मुख युवाओं को सही मार्गदर्शन देने के लिए यह चैटबॉट अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। व्हॉट्सऐप के माध्यम से यह सभी के लिए सहज उपलब्ध होने के कारण इसका व्यापक लाभ मिलेगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, आईटीआई आधुनिकीकरण, महिलाओं की कौशल उपक्रमों में भागीदारी बढ़ाना तथा विभिन्न भागीदारी से कौशल क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था विश्व की तीसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और आने वाले समय में अधिक बड़ी छलांग लगाने के लिए कौशल विकास विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। “महाचतुर” नाम जितना सुंदर है, उतना ही यह उपक्रम दूरदर्शी है और महाराष्ट्र को कौशल, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में नई दिशा देगा, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया।

असंगठित कौशल क्षेत्र को एकजुट कर महाराष्ट्र को और सशक्त बनाएंगे
– मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा
मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि राज्य के असंगठित कौशल क्षेत्र को एकजुट कर महाराष्ट्र की प्रगति को और मजबूती देने के लिए एक सक्षम मंच तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस जी के नेतृत्व में कौशल विभाग में अनेक अभिनव योजनाएं और उपक्रम चलाए जा रहे हैं। असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हजारों संस्थाएं राज्य में काम कर रही हैं, उन सभी को एक साथ लाकर कौशल विकास की इस मुहिम को और व्यापक बनाने का विभाग का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण भविष्य में कुछ नौकरियों पर प्रभाव पड़ेगा, लेकिन उसी के साथ बड़े पैमाने पर नए रोजगार अवसर भी उत्पन्न होंगे। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए कौशल विकास विभाग प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है और महाराष्ट्र की युवा शक्ति को वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने का प्रयास जारी है।
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि महाराष्ट्र में कुशल, ईमानदार और सक्षम मानव संसाधन उपलब्ध है, जिसकी मांग पूरी दुनिया में है। इस माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे और उद्योगों को भी गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन मिलेगा। राज्य के आईटीआई, इनोवेशन सेंटर और विभिन्न कौशल तंत्रों के विशाल नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए विभाग कार्य कर रहा है तथा नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई नए प्रकल्प शुरू किए गए हैं।
प्रशिक्षणार्थीयों लिए अब ‘महाचतुर एआई चैटबॉट’;
मात्र 15 मिनट में होगा उम्मीदवारों का पंजीकरण
कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग ने प्रशिक्षणार्थी रोजगारोन्मुख उम्मीदवारों का समय बचाने के लिए ‘महाचतुर एआई चैटबॉट’ (MahaChatur AI) नामक अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।
राष्ट्रीय प्रशिक्षणार्थी प्रोत्साहन योजना (NAPS) और महाराष्ट्र प्रशिक्षणार्थी प्रोत्साहन योजना (MAPS) के अंतर्गत लाभ प्राप्त करते समय युवाओं को आने वाली तकनीकी कठिनाइयों को दूर करना इस उपक्रम का मुख्य उद्देश्य है। रोजगार अवसरों के लिए भाषाई एआई सहायक का लोकार्पण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी के उपस्थिती में किया गया। ‘राइट वॉक फाउंडेशन’ की भागीदारी से विकसित इस परियोजना को लागू करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बना है।
यह सुविधा युवाओं के लिए अत्यंत सरल व्हॉट्सऐप इंटरफेस के माध्यम से उपलब्ध होगी। पहले पंजीकरण में लगने वाले 2 से 3 दिन अब केवल 15 मिनट में पूरे हो सकेंगे। यह प्रणाली पूर्णतः शासकीय सर्वर (Open Source AI) आधारित है और डेटा सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट तक की सभी जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी। इस एआई इंटरफेस से पारदर्शिता बढ़ेगी और शिकायत निवारण प्रक्रिया अधिक गतिशील होगी। भविष्य में इस सुविधा का विस्तार ‘मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण’ जैसी अन्य योजनाओं तक भी किया जाएगा। महाचतुर एआई से युवाओं की शिक्षा से रोजगार तक की यात्रा और अधिक सरल होगी तथा उद्योगों को कुशल मानव संसाधन तुरंत उपलब्ध होगा।
*****
