आदिवासी संगठन के पदाधिकारियों ने केईएम अधिष्ठाता डॉ. रावत से की मुलाकात
कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य’ नामकरण से आदिवासी समुदाय का हो रहा सम्मान – पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। मुंबई के केईएम अस्पताल के नामकरण को आदिवासी संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इस संदर्भ में ‘मी आदिवासी ग्रुप’ तथा वारली संगठन की मुंबई अध्यक्ष श्रीमती नलिनीताई बुजड ने केईएम की अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत से उनके कक्ष में मुलाकात की। अस्पताल का नाम कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य’ रखा जा रहा है, जिससे उन्हें अत्यंत खुशी हुई है।
नलिनी ताई बुजड ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की स्वास्थ्य समिति में यह नामकरण प्रस्ताव पारित किया गया है। लेकिन मूल रूप से यह प्रस्ताव बीएमसी के समक्ष प्रस्तुत करने वाले कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभातजी लोढा का हम विशेष आभार व्यक्त करते हैं। अब बीएमसी की स्वास्थ्य समिति में यह प्रस्ताव मंजूर हो चुका है, इसलिए जल्द से जल्द नामकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।
बुजड ने कहा कि आदिवासी समाज ऐसे उपेक्षित वर्ग की महान विभूति का नाम एक ऐतिहासिक अस्पताल को दिया जा रहा है, इससे स्वाभाविक रूप से हमें खुशी हुई है। लेकिन कुछ लोग इस नाम का विरोध कर रहे हैं, जो अनुचित है। इससे हमारे समुदाय में थोड़ी नाराजगी है। इससे पहले भी बॉम्बे का नाम मुंबई किया गया, वीजेटीआई महाविद्यालय का नाम बदला गया और वीटी रेलवे स्टेशन का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रखा गया। यह नामकरण हमारी महान विभूतियों का सम्मान ही था। उसी तर्ज पर ‘कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य’ नामकरण भी होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने विश्वास जताया कि कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य’ नाम को लेकर हो रहा विरोध समाप्त होगा और स्थिति सामान्य होगी। इस अस्पताल के नामकरण के माध्यम से आदिवासी समुदाय का सम्मान ही होगा, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया।/’कौशल्यश्रेष्ठ एकलव्य’ आदिवासी समाज के समर्पण और ज्ञान साधना का प्रतीक है। उनके नाम पर अस्पताल का नामकरण होने से आदिवासी समाज के इतिहास, संस्कृति और योगदान को उचित सम्मान मिल रहा है। यह निर्णय समाज में आत्मविश्वास बढ़ाने वाला और नई पीढ़ी को प्रेरणा देने वाला सिद्ध होगा, ऐसा आदिवासी समाज द्वारा दिए गए निवेदन में उल्लेख किया गया है।
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