कौशल विकास विभाग की ओर से भारत में पहली बार डिजिटल गेम डेवलपर प्रतियोगिता
जा. संवाददाता द्वारा,
महाराष्ट्र शासन के कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के अंतर्गत राज्य नवाचार सोसायटी की ओर से भारत में पहली बार आयोजित की गई डिजिटल गेम डेवलपर प्रतियोगिता युवाओं के लिए नए अवसरों का निर्माण करेगी, ऐसा विश्वास कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री श्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस अभिनव पहल के माध्यम से महाराष्ट्र वैश्विक स्तर के गेमिंग क्षेत्र में बड़ी उड़ान भरेगा।
चर्चगेट स्थित इंडियन मर्चेंट्स चेंबर (IMC) सभागार में राज्य नवाचार सोसायटी, यूनिटी और गूगल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गेम डेवलपर प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में वे बोल रहे थे।
इस कार्यक्रम में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा वर्मा, महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटिल, तमिलनाडु कौशल विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री वी. विष्णु, गूगल प्ले के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री आदित्य स्वामी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इसअवसर पर मंत्री श्री लोढ़ा जी ने कहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी जी द्वारा प्रस्तुत ‘विकसित भारत 2047’ की संकल्पना के अनुसार रचनात्मकता और नवाचार के बल पर भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन सकता है। कौशल विकास के माध्यम से विश्वस्तरीय तकनीक युवाओं तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में आदरणीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस जी के नेतृत्व में महाराष्ट्र राज्य को गेमिंग और डिजिटल क्षेत्र का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
श्रीमती मनीषा वर्मा ने अपने उद्बोधन में राज्य शासन के कौशल विकास उपक्रमों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उद्योग-अनुकूल और मानकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कारण युवाओं को वैश्विक स्तर की कौशल क्षमता प्राप्त हो रही है। ऐसे उपक्रमों से रोजगार क्षमता बढ़ने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।
राज्य नवाचार सोसायटी, यूनिटी और गूगल के संयुक्त तत्वावधान में अभिनव पहल
महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटिल ने कहा कि नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए ऐसे उपक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पिछले छह महीनों से चलाए गए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 5,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 500 विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय गेम प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इन सभी का सम्मान किए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

श्री वी. विष्णु ने उद्योग-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे उपक्रमों से विद्यार्थियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल आत्मसात करने का अवसर मिलता है और नवाचारपूर्ण सोच विकसित होती है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत महाराष्ट्र और तमिलनाडु के सहभागी विद्यार्थियों को यूनिटी का वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। गेम डिजाइन, डेवलपमेंट और मोनेटाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण घटकों पर आधारित प्रशिक्षण इस पहल के अंतर्गत दिया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा विकसित गेम्स का प्रस्तुतीकरण भी किया गया, जिससे प्रशिक्षण के व्यावहारिक परिणामों का प्रदर्शन हुआ।
मंत्री श्री लोढ़ा ने कहा कि
गेमिंग क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला एक उभरता हुआ क्षेत्र है और उचित कौशल एवं प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर निर्मित किए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से इन अवसरों का लाभ उठाकर नवाचारपूर्ण क्षेत्रों में प्रगति करने का आवाहन भी किया।
