स्वर्णिम वैवाहिक यात्रा के 50 वर्ष पूरे होने पर त्रिवेदी दंपति ने एक दूसरे को पहनाई वरमाला

पारंपरिक रीति रिवाज से ढोल तासे के साथ निकली बारात
जा.न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में समारोह को एक बार फिर ताज़ा कर दिया गया। त्रिवेदी दंपति ने भव्य तरीके से विवाह समारोह मनाया। मेहंदी और हल्दी की रस्मों से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद बारात की निकासी ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ की गई। पूरे माहौल में उत्साह और उमंग का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंच पर वरमाला की रस्म भी पारंपरिक अंदाज में संपन्न कराई गई। इस समारोह ने उपस्थित अतिथियों को 50 वर्ष पूर्व के पावन बंधन की याद दिला दी।
कल्याण पश्चिम स्थित खडकपाड़ा के स्प्रिंग टाइम क्लब हाउस में हजारी लाल त्रिवेदी एवं उनकी पत्नी लक्ष्मी त्रिवेदी ने अपनी वैवाहिक जीवन की 50वीं वर्षगांठ बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई। इस विशेष अवसर पर दिल्ली एवं आगरा से ससुराल पक्ष तथा परिवारजन एवं अनेक रिश्तेदार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
आगरा से उनके बड़े भाई हरी ओम त्रिवेदी एवं छोटे भाई हृदयेश त्रिवेदी विशेष रूप से इस शुभ अवसर पर उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। दिल्ली से उनके साले साहब यादव सिंह, ज्ञान चंद एवं कपूर चंद सहित उनके बहनोई तथा समस्त त्रिवेदी परिवार के सदस्य भी समारोह में सम्मिलित हुए। सभी परिजनों एवं शुभचिंतकों की गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन अत्यंत भावपूर्ण और यादगार बन गया।

कार्यक्रम में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। परिजनों एवं मित्रों ने दूल्हा-दुल्हन को उपहार भेंट कर उनके सुखमय एवं दीर्घ वैवाहिक जीवन की कामना की। इसके पश्चात अतिथियों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया, जिसमें विशेष रूप से पानीपुरी का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा।
समारोह के अंत में सभी आमंत्रित अतिथियों को स्मृति-चिह्न के रूप में चांदी का दीपक एवं अन्य खाद्य उपहार भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया गया। यह स्वर्णिम उत्सव न केवल दांपत्य जीवन के 50 वर्षों की सफलता का प्रतीक बना, बल्कि परिवार की एकता, प्रेम और संस्कारों का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।
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