‘प्रोजेक्ट पूर्णिमा’ केवल एक मेडिकल प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक बेटे की अपनी माँ को दी गई सच्ची श्रद्धांजलि है, जो अब हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनेगी डॉ – अक्षय नाडकर्णी
जागरण संवाददाता /वापी , दक्षिण गुजरात के चिकित्सा जगत में ‘प्रोजेक्ट पूर्णिमा’ के जरिए एक मानवीय सेवा क्षेत्र में क्रांति की शुरुआत हुई है। नाडकर्णी मेडिकल फाउंडेशन की यह पहल एक भावुक पृष्ठभूमि से जुड़ी है।

मां को याद करते हुए नाम आंखों से डॉ. अक्षय नाडकर्णी ने बताया कि
स्वयं चिकित्सा क्षेत्र से होने के बावजूद, उनकी माँ स्व. डॉ. पूर्णिमा नाडकर्णी का निधन कैंसर के सही कारणों का समय पर पता न चल पाने के कारण हुआ। इस व्यक्तिगत क्षति और मलाल ने एक बड़े संकल्प को जन्म दिया। डॉ. अक्षय ने ठाना कि भविष्य में किसी भी परिवार को संसाधनों या सही निदान के अभाव में अपनों को नहीं खोना पड़ेगा।इसी उद्देश्य के साथ, डॉ. अक्षय के पिता और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. किशोर नाडकर्णी के जन्मदिवस यानी 10 अप्रैल से इस मिशन की विधिवत शुरुआत की जा रही है।
मुंबई , सूरत, अहमदाबाद जैसे महानगरों में बेहद महंगा होने वाला यह स्कैन अब मात्र ₹8,000 में उपलब्ध होगा , जिसकी औसतन लागत 18 से 20 हजार होती है।

डॉ किशोर नाडकर्णी ने अपनी पत्नी को याद करते नाम आंखों से श्रद्धांजलि देते हुए बताया कैसे जी तोड़ मेहनत कर के इस कार्य को किया गया साथ ही बताया कि
स्व. पूर्णिमा नाडकर्णी की विजन से अब दक्षिण गुजरात के लोगों को बहुत बड़ी सहूलियत मिलने जा रही है जिसमें “पूर्णिमा प्रोजेक्ट” के तहत नाडकर्णी मेडिकल फाउंडेशन और अन्य दानदाताओं के सहयोग से अब जिले और आस पास के सटे अन्य जिले के मरीजों को मुंबई या अहमदाबाद जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।ऑन्कोलॉजी, IVF और एडवांस डायग्नोस्टिक्स की विश्वस्तरीय सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह मशीन कैंसर के सटीक निदान के लिए उपयोग की जाने वाली सबसे उन्नत तकनीकों में से एक है। ‘प्रोजेक्ट पूर्णिमा’ के माध्यम से वलसाड में यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

सरना केमिकल के एस. एस. सरना ने कैंसर सर्वाइवर के तौर पर अपने अनुभव को साझा किया , उन्होंने आपबीती बताई।
PET-CTस्कैन मशीन यह शरीर के भीतर कैंसर कोशिकाओं की सक्रियता और स्थान का सटीक पता लगाती है।PET और CT दोनों स्कैन एक ही बार में हो जाते हैं। डॉक्टर इस रिपोर्ट के आधार पर कीमोथेरेपी या रेडिएशन की सटीक योजना बना पाते हैं।

ऑफिशियल उद्घाटन समारोह में स्वामीनारायण संप्रदाय साल्वाव के कपिल स्वामी, सरना केमिकल के एस. एस. सरना, पारडी श्री वल्लभ आश्रम स्कूल के ट्रस्टी दिनेशभाई सकारिया, आर्यन पेपर मिल के सुनीलभाई शाह, बाबूभाई गोगदानी, ब्रह्माकुमारी वापी की रश्मि दीदी, एडवोकेट रश्मिका मेहता, सतीशभाई झवेरी, भरतभाई देसाई, जिगिशा गांधी, कृष्णा कैंसर एड सेलवास की मीना बेन तंवर, विशाल हंसराज और कई दूसरे गणमान्य लोग और सामाजिक नेता मौजूद रहे।

सरना केमिकल के एस. एस. सरना के कॉल पर, कई इंडस्ट्रियलिस्ट्स ने कैंसर मरीज़ों के लिए पैसे डोनेट किए और एक साल तक कई मरीज़ों के इलाज का बोझ उठाया।

