डिग्री के साथ कौशल भी जरूरी; उद्यमिता में टाटा का आदर्श अपनाएं : उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन

विश्वविद्यालयों को नवाचार और प्रयोगशीलता को बढ़ावा देना चाहिए: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा
‘एआई लिविंग लैब’ पहल से छात्रों को उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं का समाधान सीखने का अवसर मिलेगा: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

छात्रों की मेहनत और उनके सपनों का सम्मान : सुनेत्रा अजित पवार
कौशल विकास आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ है : मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की उपस्थिति में रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह संपन्न
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने विश्वविद्यालय में आधुनिक और वैज्ञानिक पाठ्यक्रम को आवश्यक बताया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस डिग्री को रोजगार में बदलना आवश्यक है। तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स और बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता ही सफलता की पूंजी है। उद्यमी बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं को रतन टाटा से प्रेरणा लेनी चाहिए। लाभ के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का उत्कृष्ट उदाहरण टाटा समूह है। प्रत्येक व्यक्ति की प्रगति ही समाज, राज्य और देश की प्रगति होती है।
मुंबई के लोक भवन (राजभवन) के दरबार हॉल में आयोजित रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं छात्र उपस्थित थे
उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस पहले दीक्षांत समारोह के विद्यार्थी इतिहास का हिस्सा बन गए हैं। ये छात्र भारत को “ग्लोबल स्किल हब” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग के अनुसार पाठ्यक्रमों में बदलाव आवश्यक है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ग्रीन एनर्जी और डेटा एनालिटिक्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल कर छात्रों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद वहां की प्रगति अनुशासन और कड़ी मेहनत का परिणाम है। भारतीय युवाओं को भी यही कार्यसंस्कृति अपनानी चाहिए। उन्होंने छात्रों से जीवनभर सीखते रहने और ‘स्किल इंडिया’ तथा ‘पीएम-दक्ष’ जैसी योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल, पुनः कौशल (reskilling) और कौशल उन्नयन (upskilling) पर विशेष जोर दिया है। आधुनिक विश्वविद्यालयों को नवाचार और प्रयोगशीलता को अपनाना चाहिए। शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि जीवनभर सीखने की प्रक्रिया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केवल युवा जनसंख्या पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे कौशल से जोड़ना आवश्यक है। ‘एआई लिविंग लैब’ जैसे उपक्रम छात्रों को वास्तविक उद्योग समस्याओं को समझने और समाधान विकसित करने का अवसर दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से 10,000 महिलाओं को एआई प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश में विदेशी निवेश आकर्षित करने में अग्रणी है और राज्य की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह छात्रों के परिश्रम और उनके सपनों का सम्मान है। उन्होंने बताया कि राज्य में कौशल विकास के लिए विभिन्न योजनाएं और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलेंगे।
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि कौशल विकास ही आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है। प्राचीन भारत में हर घर कौशल का केंद्र था, और उसी परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।

कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर ने बताया कि पहले दीक्षांत समारोह में 25,000 से अधिक छात्रों ने प्रमाणपत्र और डिग्रियां प्राप्त कीं। विश्वविद्यालय ने 10,000 महिलाओं को एआई में प्रशिक्षित किया है और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित किया है।
जयंत सहस्रबुद्धे कौशल आधारित प्रदर्शनी का उपराष्ट्रपती श्री. सी.पी राधाकृष्णन द्वारा उद्घाटन
रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर राज्यभर में आईटीआई के लिए सहयोग करने वाली संस्थाओं के उपक्रमों की प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। इस प्रदर्शनी का उपराष्ट्रपती श्री. सी.पी राधाकृष्णन द्वारा उद्घाटन किया गया।
इस प्रदर्शनी में विभाग की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर महिला स्टार्टअप योजना की लाभार्थी युवतियों के उपक्रमों को भी शामिल किया गया था। विश्वविद्यालय के उल्लेखनीय कौशल उपक्रमों के साथ-साथ उद्योग क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के कुल बारह स्टॉल लगाए गए थे। उपराष्ट्रपती श्री. सी.पी राधाकृष्णन ने प्रदर्शनी की सराहना की
इनमें टोयोटा किर्लोस्कर, एटलस, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स, दासयू एविएशन, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता रॉनी स्क्रूवाला का स्वदेश फाउंडेशन तथा आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट का भी समावेश था। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए तथा राज्य की उत्कृष्ट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं का सम्मान किया गया।
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