युगप्रधान दादा जिनदत्तसुरि गुरुदेव की दिव्य चादर चोल-पट्टा एवं मुंहपत्ति के सार्वजनिक दर्शन एवं अभिषेक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवतजी की प्रमुख उपस्थिती मे होगा महोत्सव का शुभारंभ
जा.न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। स्वर्णनगरी जैसलमेर में जैन समाज का भव्य आध्यात्मिक महाकुंभ आयोजित होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर युगप्रधान प्रथम दादा जिनदत्त सूरी गुरुदेव की दिव्य चादर एवं चोल-पट्टा के सार्वजनिक दर्शन एवं अभिषेक का आयोजन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम गच्छाधिपति पूज्य श्री जिनमणिप्रभ सुरिश्वरजी की पावन निश्रा में संपन्न होगा। राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवतजी की प्रमुख उपस्थिती मे ६ मार्च को महोत्सव का शुभारम्भ होगा, श्री जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ मुंबई के अध्यक्ष श्री गुलाबचंद जीरावला ने यह जानकारी दी । आदरणीय लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी अध्यात्म की ओर विशेष झुकाव रहा है तथा इस कार्यक्रम को उनका विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है। महाराष्ट्र में भी जैन समाज के बंधु इस आयोजन की जोरदार तैयारियों में जुटे हुए हैं। साथ ही, महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है, ऐसा श्री जीरावाला ने स्पष्ट किया।
दादा गुरुदेव श्री जिनदत्तसूरि चादर महोत्सव समिति के अध्यक्ष तथा महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री श्री मंगलप्रभातजी लोढ़ा जी की अध्यक्षता और मार्गदर्शन में इस भव्य महोत्सव का आयोजन हो रहा है, इस महाआयोजन में देशभर से लगभग 200 साधु-साध्वियों सहित 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसा भी श्री गुलाबचंद जीरावाला ने कहा । आयोजन को लेकर संपूर्ण देश और समाज में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है तथा तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवतजी , राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेंगे। महोत्सव के दौरान दादा गुरुदेव से संबंधित पवित्र चादर, चोलपट्टा एवं अन्य ऐतिहासिक धरोहरों का विशेष पूजन, आराधना, प्रवचन, भक्ति कार्यक्रम, ऐतिहासिक ५ किलोमीटर की शोभायात्रा तथा सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रदीप जैन ने कहा की, यह आयोजन आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व रखता है तथा समाज में धर्म, संयम, अहिंसा और सदाचार का संदेश प्रसारित करेगा क्योंकि जिनदत्त सूरी जी ने समाज कल्याण और कुरीतियों को दूर करने में महती भूमिका निभाई थी।
जैन श्वेतांबर समुदाय के प्रथम दादा गुरुदेव श्री जिनदत्तसुरि के 872वर्ष पूर्व अग्निसंस्कार में उनकी काया जली परन्तु उनकी चादर, चोलपटा और मुंहपति नहीं जली। इसी अद्भुत और पवित्र चादर के पूजन में चादर महोत्सव मनाया जाता है। जैन शासन और खरतरगच्छ समुदाय के लिए यह महोत्सव अत्यंत आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व रखता है।दादा गुरुदेव श्री जिनदत्तसूरि के मानव कल्याण संदेश का पर्व 6 से 8 मार्च तक चलेगा। यह आयोजन जैन समाज की आस्था, तप और त्याग की परंपरा का प्रतीक बनकर स्वर्णनगरी को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करेगा। समाज में नैतिक मूल्यों, सेवा भावना और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करनेवाले इस महोत्सव में सभी भारतीयों ने सम्मिलित होकर भक्ति और श्रद्धा के इस पावन क्षण की अनुभूति लेनी चाहिए ऐसा आवाहन भी, दादा गुरुदेव श्री जिनदत्तसूरि चादर महोत्सव समिति की ओर से किया गया है।
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