
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक में स्थित ऐतिहासिक भगवान कालाराम मंदिर पर बुधवार को मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच केसरिया धर्म ध्वज फहराया गया।
केसरिया रंग का धर्म ध्वज विशेष रेशमी कपड़े से तैयार किया गया था और इसे 64 वर्ष के बाद मंदिर में फहराया गया। केसरिया रंग भक्ति, वीरता और धर्म का प्रतीक है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उनकी पत्नी, कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन, महापौर हिमगौरी अहेर-अडके और उप महापौर विलास शिंदे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कालाराम मंदिर के शिखर पर लगी ध्वजा इससे पहले 1962 में फहराया गया था जो जीर्ण हो चुका था। नया धर्मध्वज 21 फुट ऊंची पीतल के स्तंभ में केसरिया रंग का है जिसका आकार 5 गुणा 11 फुट है। धर्म ध्वाज में हनुमान जी की छबि और जयश्री राम, ओम और अन्य चिन्ह अंकित है। धर्मध्वज स्थापना के लिए बुधवार शाम 4.44 बजे का शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का आगमन शाम लगभग 6 बजे हुआ। मंदिर के पुजारी महंत सुधीर पुजारी ने बताया कि इसके कारण मुहूर्त में बदलाव कर शाम 5.20 से 7.20 बजे का घबाड़ मुहूर्त निकाला गया। माननीयों के आगमन के पश्चात धर्मध्वजा का विधिवत पूजन किया कर ध्वजारोहण किया गया तथा यज्ञ की पूर्णाहुति दी गई।

इससे पहले उन्होंने गर्भगृह में जाकर भगवान कालाराम के दर्शन किए। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री फडणवीस मुंबई के लिए रवाना हो गए, जबकि रामनाथ कोविंद ने गोदावरी नदी के घाट पर गोदाआरती की। धर्मध्वज स्थापना के इस आयोजन के तहत सुबह से ही 21 दंपत्तियों को विशेष पूजन के लिए आमंत्रित किया गया था। इन दंपत्तियों द्वारा गणपति पूजन, पुण्याहवाचन, मातृका पूजन तथा ध्वज प्रतिष्ठा से जुड़े देवताओं की स्थापना एवं पूजा–अर्चना की गई। कार्यक्रम का वैदिक संचालन प्रधान आचार्य महंत सुधीर दास पुजारी, वेदमूर्ति शांताराम शास्त्री भानोसे, दिनेश शास्त्री गायधनी, अतुल भगरे सहित 11 पुरोहितों ने किया।
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