कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने मुख्यमंत्री देवेंद्रजी फडणवीस का जताया आभार

ब्रिटिश काल की स्मृतियों को हटाकर बेलासिस ब्रिज को दिया जाएगा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर का नाम
दक्षिण मुंबई स्थित बेलासिस ब्रिज के नाम परिवर्तन हेतु मंत्री लोढ़ा ने किया था सतत प्रयास
जा.न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य के कौशल विकास मंत्री तथा मुंबई के सह-पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा के प्रयासों को सफलता मिली है। दक्षिण मुंबई स्थित बेलासिस ब्रिज का नाम बदलकर पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर के नाम पर रखने का निर्णय गया है। महाराष्ट्र राज्य के कौशल विकास मंत्री तथा मुंबई के सह-पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने इसके लिए प्रयास किया था। इसलिए इसे मंत्री लोढा के प्रयासों की सफलता है। ब्रिज का नाम अहिल्याबाई होलकर रखने के लिए मंत्री लोढा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया है।

ब्रिटिश काल की पहचान से जुड़ा इस पुल का पूर्व नाम मेजर जनरल जॉन बेलासिस के नाम पर था। नाम परिवर्तन के लिए मंत्री लोढ़ा ने निरंतर मुंबई महानगरपालिका तथा राज्य सरकार के समक्ष पहल और अनुसरण किया था। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस मांग को स्वीकृति देकर पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर के प्रति सम्मान प्रकट किया है।
जर्जर अवस्था में पहुंच चुके इस पुल का पुनर्निर्माण अब पूर्ण हो चुका है तथा माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करकमलों द्वारा गुरुवार, 26 फरवरी को ऑनलाइन माध्यम से इस पुल का उद्घाटन किया जाएगा। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंत्री लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार भारत के औपनिवेशिक अतीत की स्मृतियों को पीछे छोड़ भारतीय अस्मिता और गौरव को प्रतिष्ठित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गत वर्ष जुलाई में मुंबई के पुराने कार्नैक ब्रिज का नाम बदलकर ‘सिंदूर ब्रिज’ किया गया था। यह नामकरण पहलगाम आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मृत्यु के बाद भारत द्वारा की गई कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की स्मृति में किया गया था।
इस बीच, कौशल विकास विभाग ने राज्य के सभी आईटीआई संस्थानों को संतों और महापुरुषों के नाम देने का निर्णय भी लिया है, जिसकी चरणबद्ध अमल प्रक्रिया जारी है।
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