दमन के सांसद उमेश पटेल ने पूरे मामले में दी प्रतिक्रिया…..
दमन,
संघ प्रदेश दमन के दलवाड़ा में स्थित जय जलाराम पीडाग्रस्त गौशाला में हड़कंप का माहौल है , 2 दिन के भीतर लगभग 50 गौ वंश की मौत से जहां गौशाला के सेवादार काफी दुखी है , वहीं प्रशासन पूरे मामले में लीपापोती में जुटा है। गौ वंशों की दुर्दैवी मौत की खबर से समूचा हिंदू समाज आहत है।
प्राथमिक जांच के अनुसार मामला जहरीले पदार्थ का सेवन करने से हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दलवाड़ा गौशाला के समीप उसी इलाके में स्थित एक फूड कंपनी ने समोसे का वेस्ट फूड ज्यादा मात्रा में दे दिया था. जिसे खाने के बाद दूसरे दिन से गाय-भैंसों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया है. जिसमें शुक्रवार की शाम दिये गये भोजन के बाद शनिवार को करीब 8 पशुओं की मौत हो गयी और रविवार दोपहर तक आंकडा 52 तक पहुँच गया।
बता दें कि यह गौशाला बीमार , असहाय गौवंशों के लिए वरदान था , जहां उनके पेट में जमा कचरा , प्लास्टिक इत्यादि को ऑपरेशन द्वारा निकाला जाता था। ग्राम पंचायत द्वारा बीमार, कमजोर, असहाय गौवंशो के लिए यह गौशाला संचालित किया जाता है। इस गौशाला में कुल लगभग 200 गौ वंशों की सेवा की जाती है।
चूंकि दमन के वर्तमान सांसद सन 2022 के पहले तक इस गौशाला से जुड़े रहे , उन्होंने इस गौशाला की स्थिति पर दुःख जताते हुए अपनी पीड़ा गौमाता के प्रति भरे दिल से श्रद्धांजलि अर्पित की और गौवंशों के लिए प्रार्थना की। दिल को खकझोर देने वाली ऐसी घटनायें प्रशासन की निष्कृयता को उजागर करती है .
सांसद उमेश पटेल द्वारा २०२२ मे गौशाला संबंधित पत्र
गौसेवार्थ चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी पंडित संपूर्णानंद तिवारी ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भोजन के अभाव में जहरीले पदार्थ का सेवन करने के कारण इस तरह की मौत होने की बात हजम होने वाली नही लगती। फिलहाल ,यह जांच का विषय है। चूंकि हमारी संस्था द्वारा इस गौशाला में निरंतर सेवाएं प्रदान की जाती है , जिसमे गौवंश के लिए हरा चारा , सब्जी , फल इत्यादि गौशाला में भेजा जाता है। इसलिए यह घटना दिल को आहत करती है। यह घटना गौवंश की सुरक्षा और देखभाल से जुड़े कई सवाल भी खड़े करती है, और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए गौशालाओं में बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का शंखनाद करती है ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटना न हो।
बता दें कि जय जलाराम (बीमार) गौशाला दलवाड़ा का पूर्ण प्रबंधन प्रशासनिक अधिकारी, कलेक्टर, बीडीओ, दलवाला ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता था। हालांकि, अब जब फूड प्वाइजनिंग या किसी अन्य कारण से बड़ी संख्या में जानवरों की मौत हो रही है, तो अब प्रशासन इस मामले में जांच के आदेश देकर पल्ला झाड़ रहा है।
मामले में तूल पकड़ता हुआ देख आनन फानन में प्रशासन भी हरकत मे आया । अधिकारियों ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद पशु चिकित्सक के यहां मौत के कारणों की जांच के लिए पुलिस के साथ एक टीम का गठन कर दिया , जो जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। गौरतलब है कि सभी मृत गायों का पोस्टमार्टम करने के बाद उनके शवों को जमीन में दफनाने समेत अन्य प्रक्रिया की जा रही है।