प्रदेश की उपेक्षा का ये आलम कि आजादी के ७३ साल बाद भी रेल नही पहुंच सकी दमन दीव
केंद्र शासित प्रदेश दमण एवं दीव के निर्वाचित सांसद उमेशभाई पटेल ने रेल मंत्रालय की 2024 25 की अनुदान मांगों पर चर्चा मे लेते हुए कहा की दमन दीव केन्द्र / गृह मंत्रालय से संचालित है। इस लिहाज़ से हमारे प्रदेश का विशेष ध्यान रखना चाहिए था।

उन्होंने कहा की हम देश के नक्शे पर एक चावल के दाने जितने छोटे से प्रदेश के रुप में देश का अभिन्न अंग बनकर बहुत खुश हैं। 1961 से हमारे प्रदेश के अस्तित्व में आने के बाद लगभग ७३ साल होने जा रहे है। आजादी के इतने सालों बाद भी हमारे क्षेत्र में रेल्वे के क्षेत्र में कोई सुविधाएं विकसित नही हो पाई है।
उपेक्षा का ये आलम कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी दमण एवं दीव में जब बस स्टैंड ही नहीं है तो रेलवे स्टेशन की तो बात करनी ही बेईमानी है। जबकि विशेष बात ये कि दमण एवं दीव पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यहां लाखों लोग वर्ष पर्यन्त आते रहते हैं। हमारे प्रदेश मे भी छोटी छोटी ट्रेन चलाकर हमारे क्षेत्र वासियों और पर्यटकों के लिए सुविधाएं दी जा सकती थीं और भी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता था लेकिन अफसोस अब तक नहीं हुआ है।
इस बार के बजट मे बहुत उम्मीद थी, लेकिन छोटे से केन्द्र शासित प्रदेश के लिए कुछ खास नही है। जब कि प्रदेश वासी टैक्स का 100 प्रतिशत रेवेन्यू भारत सरकार को देते हैं। लेकिन प्रदेश के लिए निराशा की बात ही है।

उमेश ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह हमारे छोटे से प्रदेश में रेलवे की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दमण मे,मोनो रेल जैसी छोटी रेल गाड़ी चलानी चाहिए,जो गुजरात के उदवाड़ा से कोलक से होकर दमण के कढ़ैया से समुद्र किनारे मोटी दमण जमपोर, समुद्री किनारे से कालई नदी किनारे से वापी ( गुजरात) रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाए और दीव के लिए उना (गुजरात)रेलवे स्टेशन का विकास किया जाए। जिससे पर्यटकों और प्रदेश वासियों को रेल्वे की बेहतर सुविधाएं मिल सके साथ में संघप्रदेश दमन एवं दीव के आसपास के गावों को भी बहुत लाभ होगा।
मुंबई सी लिंक की तर्ज़ पर दमन दीव को भी जोड़ा जाए।

दमण मे रेलवे प्रोजेक्ट्स मुंबई सिलिंक के तर्ज़ पर बनाया जाए जिससे पर्यटको को आकर्षित किया जा सके।
दमण एवं दीव के लिए बनने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए यह खास ख्याल रखा जाए । ज़मीन की बहुत ही कमी हैं, और प्रदेश समुद्री किनारे बसा हुए हैं, जहां नदियों का भी संगम है ।ऐसे में CRZ, आर्कियोलॉजी, कोस्ट गार्ड की फ्रंट लाइन, वन की अलावा फैक्टरीया भी लगी है वैसे में लोगो के पास बहुत कम जमीन है, तो लोगो के घर, मकान दुकान न टूटे उसका विशेष ख्याल रखा जाए।
वापी रेलवे स्टेशन का हो री- डेवेलोपमेंट

साथ ही उन्होंने दमन और सिलवासा के सबसे नजदीकी स्टेशनवापी स्टेशन का रि डेवलपमेंट करने के साथ उत्तर भारत की ओर आने एवम जाने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने एवम वापी से जानें उत्तर भारत की ओर वाली ट्रेनो के ठहराव का समय 2 मिनिट्स से बढ़ाकर 4 से 5 करने की मांग करते हुए प्रदेश के लिए विशेष बजट की मांग की ।
