ज्ञान (GYAN) अनुरूप योजनाओं का जनहित में विस्तार ही है बजट 2024 का सार – वित्त मंत्री कनुभाई देसाई

भारत सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की कवायद के तहत गुजरात ने भी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति पर फोकस किया है। विधानसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री देसाई ने कहा कि गुजरात सरकार ने GYAN को केंद्र में रखकर अपना बजट तैयार किया है। उन्होंने इसका फुल फॉर्म बताते हुए कहा कि G गरीब को दिखाता है, Y के मायने युवा हैं, जबकि A किसानों या अन्नदाताओं को समर्पित सरकार का बोध कराता है। N के मायने बताते हुए वित्त मंत्री देसाई ने कहा कि सरकार ने नारीशक्ति के लिए भी योजनाएं बनाई हैं।

गुजरात सरकार ने 3.32 लाख करोड़ रुपये का बजट किया पेश किया है । किसी भी तरह की टैक्स बढ़ोत्तरी एन कर आम जनता को बड़ी राहत दी है।
बता दें की गुजरात सरकार ने 3.32 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस साल का बजट 10.44 प्रतिशत अधिक है. जानिए इस बजट में किसे क्या मिला.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नीत गुजरात सरकार के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने बजट सत्र के दूसरे दिन यहां विधानसभा में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश करते हुए सदन को बताया कि 3,32,465 करोड़ रुपये का बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 10.44 प्रतिशत अधिक है।
पिछले वित्त वर्ष में बजट व्यय 31,444 करोड़ रुपये का था. राज्य सरकार ने 146.72 करोड़ के अनुमानित अधिशेष के साथ बजट पेश किया. बजट में किसी नये कर का प्रस्ताव नहीं किया गया है. देसाई ने अपने बजटीय संबोधन में कई योजनाओं और परियोजनाओं की घोषणा की.

उन्होंने कहा कि
राज्य सरकार ने बजट तैयार करते समय मूल में ज्ञान (जीवाईएएन) यानी ‘गरीब’, ‘युवा’, ‘अन्नदाता’ और ‘नारी शक्ति’ को रखा. नई प्रस्तावित ‘नमो लक्ष्मी’ योजना के तहत कक्षा नौंवी से 12वीं तक सरकारी, सहायता प्राप्त तथा निजी स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों को उनकी शिक्षा के चार वर्षों में 50,000 रुपये दिए जाएंगे. इस कार्यक्रम के लिए बजट में 1,250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
गुजरात सरकार ने बजट में नमो लक्ष्मी योजना के तहत कक्षा नौंवी से 12वीं तक सरकारी, सहायता प्राप्त तथा निजी स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों को उनकी शिक्षा के चार वर्षों में 50,000 रुपये दिए जाने का ऐलान किया है।

‘नमो श्री’ योजना के तहत पिछड़े तथा गरीब वर्ग की गर्भवती महिलाओं को 12,000 रुपये की सहायता दी जाएगी. इसके लिए बजट में 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

वित्त मंत्री ने सात नगर पालिकाओं नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आनंद, मेहसाणा और सुरेंद्रनगर-वधवान को नगर निगम में बदलने की घोषणा भी की.
उन्होंने ‘जन रक्षक’ योजना की भी घोषणा की, जिसमें पुलिस और दमकल कर्मी सहित सभी आपात सेवाओं से 112 नंबर डायल करके संपर्क किया जा सकता है. राज्य के बजट चरण चार और पांच में गांधीनगर में गिफ्ट-सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) तक साबरमती पर मौजूदा ‘रिवरफ्रंट’ के विस्तार का भी प्रावधान करता है.
सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम और स्टांप शुल्क के कुछ प्रावधानों को आसान बनाकर नागरिकों को 754 करोड़ रुपये की राहत देने का प्रस्ताव भी रखा है.
