देश की चिंता छोड़िए, पहले अपना घर संभालिए – राहुल गांधी पर श्रीकांत शिंदे का जोरदार हमला
कांग्रेस ने बार-बार भारत माता का अपमान किया
मुंबई के लिए AVGC संस्थान की घोषणा, रोजगार के बड़े अवसर
जा. न्यूज़ संवाददाता
नई दिल्ली। देश के हर राज्य में चुनाव हारने वाले पहले अपना घर संभालें, फिर देश और अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर बोलें—ऐसी कड़ी टिप्पणी शिवसेना संसदीय दल के नेता सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर की। बजट पर चर्चा के दौरान आर्थिक और रक्षा नीतियों को लेकर राहुल गांधी द्वारा की गई आलोचना का डॉ. श्रीकांत शिंदे ने तीखे शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देश के अंदर और बाहर जाकर भारत का अपमान किया है।
आज लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान शिवसेना की ओर से बोलते हुए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने अपनी बात रखी।
अपने भाषण की शुरुआत में डॉ. शिंदे ने रिकॉर्ड नौवीं बार बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले १२ वर्षों में भारत की जनता ने तीन बार एनडीए सरकार को आशीर्वाद दिया है। तीसरी बार जीत के बाद सरकार ने तीन गुना विकास का लक्ष्य लेकर काम किया है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत २०४७, युवा, महिला और रोजगार को केंद्र में रखकर यह बजट पेश किया गया है। बजट में भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा हब बनाने का संकल्प लिया गया है, जिसके लिए १० हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुंबई के लिए एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) संस्थान की घोषणा की गई है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए भी १० हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को लाभ मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्रों के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने की भी घोषणा की गई है।डॉ. श्रीकांत शिंदे ने बताया कि वर्ष २०१३-१४ में देश का बजट १६.५० लाख करोड़ रुपये था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज यह बढ़कर ५३.५ लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
राहुल गांधी के भाषण पर कड़ी आलोचना करते हुए डॉ. शिंदे ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बोलने से पहले उन्हें इंडी गठबंधन को एकजुट रखने पर ध्यान देना चाहिए। इंडी गठबंधन पूरी तरह बिखर चुका है और उसके नेताओं की अलग-अलग दिशाओं में अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका के साथ डील का सपना देखना विपक्ष के नेता की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
आर्थिक मुद्दों पर बोलते हुए डॉ. शिंदे ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि उस समय की कांग्रेस सरकार ब्याज दरें कम रखने और अर्थव्यवस्था को जरूरत से ज्यादा सकारात्मक दिखाने के लिए आरबीआई पर दबाव डालती थी। गलत आंकड़ों के साथ विकास दर पेश की जाती थी।उन्होंने कहा कि १९६२ के युद्ध से जुड़ा ब्रुक्स रिपोर्ट कांग्रेस सरकार ने संसद से छिपाकर रखा। वर्ष १९६३ में तत्कालीन रक्षा मंत्री यशवंतराव चव्हाण ने भी संसद में सरकार की रक्षा नीति का विरोध किया था। ब्रुक्स रिपोर्ट कांग्रेस की रक्षा नीति की विफलता का प्रमाण है।
डॉ. शिंदे ने कहा कि कांग्रेस के प्रधानमंत्री ने अक्साई चीन को बेकार जमीन बताकर विवादित बयान दिया था। कच्चाथीवू द्वीप श्रीलंका को सौंपने का काम भी कांग्रेस ने किया। कांग्रेस ने बार-बार भारत माता का अपमान किया है। इसके विपरीत एनडीए सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा ३७० हटाकर यह साबित किया कि वह भारत का अभिन्न अंग है।
उन्होंने कहा कि पिछले १२ वर्षों में कांग्रेस देशभर में सिमटती चली गई है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। २०१४ के बाद भारत तेजी से विकासशील अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ा है। कांग्रेस शासन के दौरान वस्त्र उद्योग लगभग खत्म हो गया था, लेकिन 2014 के बाद इस क्षेत्र को नई जान मिली और आज इसमें एक करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है।
घुसपैठियों को संरक्षण देकर बंगाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर किया
सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण बंगाल घुसपैठियों का गढ़ बन गया है। वर्ष २०११ से २०२५ के बीच बंगाल से ६४०० कंपनियां बाहर चली गईं। उन्होंने कहा कि बंगाल अब उद्योगपतियों की बजाय घुसपैठियों की राजधानी बन गया है, जहां घुसपैठियों को रेड कारपेट बिछाई जाती है।
