वैश्विक मानव संसाधन तैयार करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध –
कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा

महाराष्ट्र राज्य कौशल प्रतियोगिता का मंत्री लोढ़ा के करकमलों से उद्घाटन
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। विश्व स्तर पर आवश्यक मानव संसाधन की कमी को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण कुशल मानव संसाधन तैयार करने तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ऐसा प्रतिपादन कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में लागू की गई ‘पीएम सेतु योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महाफंड स्वरोजगार योजना’ इसी दिशा में उठाए गए प्रमुख कदम हैं।
कुर्ला स्थित डॉन बॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित महाराष्ट्र राज्य कौशल प्रतियोगिता (IndiaSkills 2026) का उद्घाटन मंत्री लोढ़ा के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने सरकार की भूमिका को विस्तार से स्पष्ट किया। यह प्रतियोगिता नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) और महाराष्ट्र कौशल विकास सोसायटी (MSSDS) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई है।
मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए कौशल विकास का एक भव्य और प्रेरणादायी दृष्टिकोण प्रस्तुत कर युवाओं को नई दिशा दी है। इसी संकल्पना के अंतर्गत देशभर के आईटीआई संस्थानों के आधुनिकीकरण हेतु 60 हजार करोड़ रुपये की ‘पीएम सेतु योजना’ की परिकल्पना की गई है। महाराष्ट्र को भी इसका लाभ मिलेगा और प्रथम चरण में 242 करोड़ रुपये की लागत से छत्रपति संभाजीनगर, पुणे और नागपुर के आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यही दृष्टिकोण महाराष्ट्र में माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्रजी फडणवीस के गतिशील नेतृत्व में प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। आगामी कुछ दिनों में स्वरोजगार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने हेतु ‘मुख्यमंत्री महाफंड स्वरोजगार योजना’ को अंतिम रूप दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत राज्यभर में स्टार्टअप शुरू करने वाले 5 लाख युवाओं का चयन एक साझा ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा तथा उन्हें 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही इस ऋण पर लगने वाले ब्याज का आधा भार राज्य सरकार वहन करेगी, यह जानकारी भी मंत्री लोढ़ा ने दी।
इस वर्ष चीन के शंघाई में विश्व कौशल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके लिए मेकाट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, औद्योगिक प्रौद्योगिकी, साइबर सिक्योरिटी और सामाजिक सुरक्षा प्रौद्योगिकी जैसे छह कौशल क्षेत्रों से संबंधित प्रतियोगिताओं का देशभर में आयोजन किया जा रहा है। कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी द्वारा 3 और 4 फरवरी को मुंबई में इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है।
इस प्रतियोगिता में राज्यभर से सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया है। राज्य स्तर पर विजयी प्रतिभागी गांधीनगर, गुजरात में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता में भाग लेने के पात्र होंगे। इन प्रतियोगिताओं से चयनित विजेताओं के नाम आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नामांकन हेतु भेजे जाएंगे।

भारत में वर्ष 2029 में विश्व कौशल प्रतियोगिता का आयोजन होना चाहिए
कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कौशल विकास के महत्व पर जोर देते हुए प्राचीन भारत की समृद्ध परंपराओं के उदाहरण देकर उपस्थित विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने कहा कि देश में अपार सृजनशीलता है और भारत अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कौशल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से सामाजिक दायित्व की भावना के साथ भविष्य निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि महाराष्ट्र में आगामी एक वर्ष के भीतर ओलंपिक की तर्ज पर कौशल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों की सृजनशीलता को अवसर दिया जाए। साथ ही अगले तीन वर्षों में, अर्थात वर्ष 2029 की विश्व कौशल प्रतियोगिता महाराष्ट्र में आयोजित हो, इसके लिए ठोस प्रयास किए जाएं।
महाराष्ट्र राज्य कौशल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र कौशल विकास सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमित सैनी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री आनंद माली, डॉन बॉस्को सेंटर फॉर लर्निंग के निदेशक फादर एंथनी पिंटो, डॉन बॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्राचार्य श्री अमर प्रभु तथा सीआईआई कौशल विकास पैनल के संयोजक श्री बॉबी कुरियाकोस उपस्थित थे।
