बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज

जनहित सुरक्षा समितियाँ होंगी गठित
उपनगर सहपालक मंत्री मंगल प्रभात लोढा के सुझाव को जिला नियोजन समिति की मंजूरी
जा.न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। मुंबई उपनगर में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को अब और तेज किया जाएगा। उपनगर सहपालक मंत्री मंगल प्रभात लोढा के सुझाव पर उपनगर जिला नियोजन समिति की बैठक में ‘जनहित सुरक्षा समितियाँ’ गठित करने को मंजूरी दे दी गई है।
पिछले पाँच वर्षों से घुसपैठ और अमली पदार्थ माफिया के मुद्दे को लगातार उठाते आ रहे मंत्री लोढा ने हाल ही में हुई जिला नियोजन बैठक में इस विषय को प्रमुखता से रखा। बैठक में मुंबई की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया।
मंत्री लोढा ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी और एक वैश्विक शहर है। बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ के कारण शहर की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घुसपैठियों पर कड़ी कार्रवाई समय की मांग है, अन्यथा आने वाली पीढ़ियाँ हमें माफ नहीं करेंगी। प्रशासन जनहित सुरक्षा समितियों के गठन के संबंध में शीघ्र कार्रवाई करेगा।
जनहित सुरक्षा समिति का कार्यक्षेत्र
यह समितियाँ विधानसभा क्षेत्र स्तर पर गठित की जाएँगी। इनके माध्यम से शहर के विभिन्न भागों में फर्जी आधार कार्ड और फर्जी राशन कार्ड बनाने वालों की विशेष अभियान चलाकर पहचान की जाएगी। संबंधित जानकारी पुलिस को सौंपी जाएगी।
मुंबई उपनगर की सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण की पहचान करने में भी समिति सहयोग करेगी। विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन और पुलिस विभाग को सौंपी जाएगी। इन समितियों में महानगरपालिका अधिकारी, जिलाधिकारी कार्यालय के अधिकारी, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य शामिल होंगे। मंत्री लोढा ने बताया कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी समितियाँ गठित करने का प्रस्ताव देने पर विचार किया जा रहा है।
मंत्री लोढा के प्रयासों से हजार करोड़ की जमीन वापस सरकारी कब्जे में
मालाड–मालवणी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर घुसपैठ और अवैध निर्माण की शिकायतें सामने आई थीं। इस पर मंत्री लोढा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पिछले एक वर्ष से लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
अब तक पश्चिमी उपनगर में लगभग 15 एकड़ सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण हटाए गए हैं और यह जमीन पुनः सरकारी कब्जे में आ गई है। इन जमीनों की अनुमानित कीमत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। पश्चिम उपनगर (अतिक्रमण निष्कासन) के अतिरिक्त आयुक्त श्री गणेश मिसाळ ने जानकारी दी कि यह अभियान अभी भी जारी है। मंत्री लोढा ने विश्वास व्यक्त किया कि जनहित सुरक्षा समितियों के गठन से घुसपैठ पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और मुंबईकरों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन इस दिशा में अधिक जिम्मेदारी से कार्य करेगा।
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