https://youtu.be/MB82jgWI8Ig?si=3UY6HV9kgV8bJW7g
वलसाड जिले में गौ सेवा के लिए बहुचर्चित स्वयंसेवी संस्था “गौ सेवार्थ चेरिटेबल ट्रस्ट “,वापी और दमन विस्तार तक 3 गौशालो में पौष्टिक आहार, चारे और इलाज का प्रबंध करती है।
बता दें कि वर्तमान में लगभग 200 गौवंशो की सेवा निरंतर की जा रही है और 160 गौवंश के लिए प्रारूप तैयार किया जा रहा है।

बिना किसी अनुदान के की जाने वाली गौ सेवकों की सेवा निस्वार्थ की पराकाष्ठा है। सभी नौकरी पेशा , धंधा पेशा से जुड़े सेवक प्रतिदिन दिन की शुरुवात सेवा से करते हैं। इस सेवा में समान रूप से मंडी के व्यापारी भी हैं, जो कि सेवा रूप में पौष्टिक सब्जियां,हरे भरे पत्ते नि:शुल्क अथवा बहुत कम दामों पर देते हैं।
सभी सेवक मंडली सुबह 5 बजे उठ कर सब्जी मंडियों में जा कर गौ वंशोंके लिए चारा , पौष्टिक आहार इकट्ठा कर टेंपो में भर कर गौशालाओं में भेजते हैं, ताकि गौ वंश भूखे न रहें। टेंपो रवाना करते ही सेवक अपने दिनचर्या में व्यस्त होते हैं।

बता दें की संस्था का मूल उद्देश्य है की सड़कों और खुले में घूमने वाले गौवंश के लिए आश्रय और आहार उपलब्ध हो सके ताकि गौवंश की हत्या , अपघात या अन्य जघन्य अपराधीकरण न हो सके। जिले को देश के लिए मॉडल के रूप में तैयार करना , जहां हर 6 km पर गौशाला हो , और गौसेवा होती रहे।

गौसेवा प्रभु को भी अत्यंत प्रिय है , इस से मानव समाज में भी अपनी खोई हुई सभ्यता , संस्कृति के विकास में और भावी पीढ़ी में भी सेवा का भाव जागे यह भाव भी संस्था का है , जिसके तहत संस्था द्वारा भागवत कथा का भी आयोजन किया जाता रहा है।

आगामी भागवत कथा 24 अप्रैल ,2024 से शुरू हो 30 अप्रैल तक चलेगा, जिसमे कथा वाचक पूज्य गोपाल शास्त्री महाराज सभी भक्तो को भागवत रसपान कराएंगे।
संस्था के कार्यों की बात करें तो वर्तमान में गौ सेवार्थ चेरिटेबल ट्रस्ट ,वापी के अथक प्रयासों से श्री ब्रज गोवर्धन गौशाला का निर्माण कराया गया है। साथ ही एक संस्था की स्वयं की एम्बुलेंस हो इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।

जैसा कि संस्था का उद्देश्य बहुत बड़ा है , समय और पैसा दोनों ही जरूरी है। ट्रस्ट गौ सेवा के प्रति पूरी तरह समर्पित है और हरसंभव प्रयास में लगी है की गौ वंशों के लिए अस्पताल का भी निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो।
वर्तमान स्थिति में इस गौशाला में 150+ गौवंश रहते है यह गौशाला अपने आप में सेवा ,त्याग और समर्पण का अहसास कराता है की आज भी निस्वार्थ सेवा का जज्बा हो तो ऐसे संस्था और गौशाला से जुड़े।

इस गौशाला में कोई भी दुधारू गाय नही मिलेगी। लावारिस , लाचार , सड़कों पर दुर्घटाग्रस्त सभी का समावेश यहां देखने मिलता है।
गौशाला के निष्ठावान कार्यकर्ताओं पर प्रभु का आशीर्वाद है , जो भी गौवंश आती है काफी दया और चिंताजनक स्थिति में लेकिन चिकत्सक टीम और कार्यकर्ताओं की मेहनत से फिर से वे तंदरुस्त हो जाती हैं। गौवंश इतना प्यार देते हैं। निस्वार्थ प्रेम का अभिन्न प्रयास ट्रस्ट का है।

ट्रस्ट आसपास के विस्तार से कोई भी गौवंश दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही , गौसेवक एंबुलेंस और पशु चिकत्सक के साथ हाजिर हो जाती है। यथासंभव उस गौवंश को गौशाला ले आकर ,उसका इलाज और उनके रहने खाने की व्यवस्था की जाती है।

गौसेवार्थ चेरिटेबल ट्रस्ट ,वापी की ओर से भीषण गर्मी में लगभग 350 गौवंशो के लिए हरे चारे ,आहार का प्रबंध प्रतिदिन मुख्यता गौशालाओं के लिए किया जा रहा है। जिसमें सरिगाम की ब्रज गोवर्धन गौशाला ,सरिगाम ; दलवाड़ा गौशाला , गौशाला शामिल है।
