कपड़ा उद्योग को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य – वस्त्र आयुक्त

-केंद्र ने केमिकल आयात शुल्क कम कर कपड़ा उद्योग को दी राहत
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर केंद्र सरकार ने कुछ केमिकल पर आयात शुल्क कम की है और कुछ पर शून्य कर वस्त्र व केमिकल उद्योग को राहत दी है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कपड़ा निर्यात को 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना चाहते है जबकि कुल उत्पादन 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा देसाई ने यह जानकारी कपड़ा उद्योग की सबसे बड़ी संस्था भारत मर्चेंट चैंबर में आयोजित एक कार्यक्रम में दी। कमिश्नर वृंदा देसाई ने कहा कि वस्त्र मंत्रालय जल्द ही एक पावरलूम ऐप भी जारी करने वाला है जिसमे पावरलूम उद्योग को मिलने वाली सब्सिडी समेत सभी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा लूमो की जियो टैगिंग भी की जाएगी। इस दौरान चेम्बर अध्यक्ष मनोज जालान ने मांग की कि पश्चिम एशिया के संकट के तहत कर्ज पर ब्याज दरों में कमी, कपड़े पर जीएसटी कुछ समय के लिए शून्य करने, उद्योग में कौशल विकास को बढ़ावा देने और केंद्र की टफ़ स्कीम वापस चालू करनी चाहिए। इस पर वृंदा देसाई ने कहा कि कपड़ा उद्योग अगर हमें अधिक श्रमिक देता है तो हम उनको स्किल्ड बनायेंगे। उन्होंने कहा कि वस्त्र मंत्रालय पांच एफ बिंदुओं पर काम कर रहा है जिसमें फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन शामिल है।
इस दौरान चैंबर के उपाध्यक्ष विनोद गुप्ता, ट्रस्टी राजीव सिंघल, योगेंद्र राजपुरिया, विजय लोहिया, श्रीप्रकाश केडिया, कृष्णदेव अग्रवाल, विवेक बगड़िया, विष्णु केडिया, दीपक बुबना, सुबोध गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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