बढ़ते निवेश के अनुरूप कुशल मानव संसाधन के लिए निजी कौशल विश्वविद्यालय की आवश्यकता- कॅबिनेट मंत्री लोढा

‘कुशल महाराष्ट्र, रोजगारयुक्त महाराष्ट्र’ लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ रहे निवेश को ध्यान में रखते हुए उद्योगों के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने बताया कि मुंबई में IES स्किल टेक विश्वविद्यालय की स्थापना को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है।
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘स्किल इंडिया’ पहल के अनुरूप राज्य सरकार ‘कुशल महाराष्ट्र, रोजगारयुक्त महाराष्ट्र’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। बढ़ते औद्योगिक निवेश के चलते आने वाले समय में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, जिसके लिए उच्च स्तरीय कौशल प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक होगा।
मंगल प्रभात लोढा ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में हाल ही में आयोजित दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में राज्य को 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। इस निवेश के परिणामस्वरूप विभिन्न औद्योगिक परियोजनाएं शुरू होंगी, जिनके लिए आधुनिक और प्रशिक्षित मानव संसाधन की बड़ी आवश्यकता होगी। इसी परिप्रेक्ष्य में उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए निजी कौशल विश्वविद्यालयों को मान्यता दी जा रही है। वर्ष 2021 में ऐसे विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा विनियमन और कार्यप्रणाली निर्धारित की गई थी, जिसके तहत IES स्किल टेक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
यह विश्वविद्यालय शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से मुंबई के बांद्रा में शुरू होगा। इसके माध्यम से राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना, उद्योग और प्रशिक्षण के बीच की दूरी कम करना तथा कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना प्रमुख उद्देश्य रहेगा। इस निर्णय से राज्य में कौशल विकास क्षेत्र को नई गति मिलेगी और रोजगार सृजन के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा, ऐसा विश्वास मंत्री लोढ़ा ने व्यक्त किया।
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