सार्वजनिक और सरकारी भागीदारी का नया अध्याय
युवाओं के लिए आधुनिक प्रशिक्षण से रोजगार सृजन – कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा

आईटीआई और टोयोटा द्वारा स्थापित प्रयोगशालाओं का मंत्री लोढ़ा द्वारा ऑनलाईन उद्घाटन
छत्रपति संभाजीनगर सहित नागपुर विभाग की प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र के कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता व नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढा सार्वजनिक और सरकारी भागीदारी के माध्यम से राज्य की आईटीआई संस्थाओं का आधुनिकीकरण कर उन्हें आदर्श संस्थानों में परिवर्तित करने के लिए प्रयासरत है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। अग्रणी कंपनी टोयोटा और आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के संयुक्त प्रयास से प्रशिक्षण परियोजना चलाई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, ऐसा कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा।
छत्रपति संभाजीनगर स्थित देवगिरी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में टोयोटा इंडिया की ओर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इस केंद्र का उद्घाटन मंत्री लोढ़ा ने मंत्रालय से ऑनलाइन माध्यम से किया। इसी के साथ छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर विभाग की आईटीआई की 17 संस्थाओं में स्थापित 17 अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भी एक साथ उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर छत्रपति संभाजीनगर में अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, व्यवसाय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संचालनालय के संचालक सतीश सूर्यवंशी, पंकज पाठक, टोयोटा के रमेश राव, रवि सोनटक्के, रूपा बोहरा सहित विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित थे।
टोयोटा कंपनी ने अपने सीएसआर निधि से छत्रपति संभाजीनगर विभाग की 14 तथा नागपुर की 3 आईटीआई संस्थाओं में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ स्थापित की हैं। इन 17 प्रयोगशालाओं के लिए कुल 5 करोड़ 44 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि राज्य की आईटीआई संस्थाओं का आधुनिकीकरण कर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। आईटीआई के विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है और सीएसआर निधि से संचालित यह एक अभिनव कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास में कौशल विकास के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया है और उसी दिशा में देशभर में आधुनिकीकरण किया जा रहा है। राज्य में भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में व्यवसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में नवाचार किए जा रहे हैं।
इस पहल के माध्यम से सभी आईटीआई विद्यार्थियों की कार्यक्षमता समाज के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। इस उपक्रम में औद्योगिक प्रबंधन, आधुनिक कौशल और औद्योगिक सुरक्षा को शामिल किया गया है। उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना, कार्यशालाओं और उपकरणों का आधुनिकीकरण, औद्योगिक कार्य संस्कृति, कौशल ज्ञान, औद्योगिक संस्कार तथा शरीर और मन के सर्वांगीण विकास को इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकारी और सार्वजनिक भागीदारी से 2030 तक चरणबद्ध तरीके से आईटीआई का आधुनिकीकरण
छत्रपति संभाजीनगर यह केवल पहला चरण है। सरकारी और सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से दूसरे चरण (2026-28) में अमरावती, नागपुर और नाशिक में 18 आईटीआई तथा अगले चरण (2029-30) में मुंबई और पुणे में 14 आईटीआई — इस प्रकार कुल 32 आईटीआई में वैश्विक रोजगार अवसरों के उद्देश्य से आधुनिकीकरण किया जाएगा। पहले चरण में 15 हजार विद्यार्थियों को आवश्यक कार्य प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए सक्षम बनाया जाएगा। राज्य के औद्योगिक विकास के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में विभिन्न कंपनियों के साथ और भी समझौते किए जा रहे हैं। आने वाले समय में महाराष्ट्र के कोने-कोने के युवाओं को आवश्यक कौशल प्रशिक्षण का बल मिलेगा और वैश्विक औद्योगिक क्षेत्र में महाराष्ट्र अपनी विजय पताका फहराएगा, ऐसा मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा।
टोयोटा के साथ टीएनएस इंडिया का सहयोग
टीएनएस इंडिया कंपनी के सहयोग से इलेक्ट्रिक व्हीकल और सोलर टेक्निशियन कार्यशाला का भी उद्घाटन किया गया। टीएनएस इंडिया फाउंडेशन की ओर से आईटीआई में ईवी और सौर ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। कैंपस इंडस्ट्रियल करियर कार्यक्रम के अंतर्गत सॉफ्ट स्किल्स में उद्योगों की अपेक्षाएँ, नौकरी प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल, ग्रीन स्किल्स के अंतर्गत इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और सौर ऊर्जा तकनीक का विशेष प्रशिक्षण तथा तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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