इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से LVM3-M5 (Launch Vehicle Mark-3) रॉकेट के जरिए भारतीय संचार उपग्रह CMS-03 के सफल प्रक्षेपण पर बधाई दी।
इस मिशन में भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 को 4410 किलोग्राम भार के साथ जीयो-सिंक्रोनस ट्रांसफर कक्षा (GTO) में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया।

LVM3-M5 रॉकेट ने लगभग 16 मिनट की उड़ान के बाद इस उपग्रह को निर्धारित कक्षा में पहुंचाया। यह मिशन LVM3 रॉकेट की पांचवीं ऑपरेशनल उड़ान थी, और इस रॉकेट ने अपनी क्षमता में 10% की वृद्धि के साथ पहली बार क्रायोजेनिक इंजन का रिइग्निशन भी किया, जिससे भविष्य में एक साथ कई उपग्रह लॉन्च करने की सुविधा बढ़ेगी।
डॉ. नारायणन ने कहा कि LVM3 ने पहले चंद्रयान-3 मिशन के जरिए भारत को गौरव दिलाया था और अब CMS-03 के सफल प्रक्षेपण के साथ इसने फिर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
CMS-03 उपग्रह खास तौर पर भारतीय नौसेना की संचार और समुद्री सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस मिशन ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में स्वदेशी ताकत और तकनीकी पराक्रम को प्रमाणित किया है।

इसरो अध्यक्ष ने इस सफल प्रक्षेपण पर पूरे ISRO टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह भारत के डिजिटल और सामरिक संचार क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है और देश की समुद्री सुरक्षा को भी सशक्त बनाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि LVM3-M5 रॉकेट की प्रदर्शन क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार किए गए थे, जिनका परिणाम यह शानदार सफलता है।
