इंडिया स्किल प्रतियोगिता के विजेताओं को विशेष पुरस्कार

कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा की घोषणा
उत्कृष्ट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, ‘कौशलाचार्य’ विजेता प्रशिक्षकों एवं राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता के पदक विजेताओं का मंत्री लोढ़ा के हाथों सम्मान
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। इंडिया स्किल प्रतियोगिता के स्वर्ण पदक विजेताओं को 1 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 75 हजार रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं को 50 हजार रुपये का विशेष पुरस्कार कौशल विकास विभाग के माध्यम से दिया जाएगा, यह घोषणा कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने की है।
एल्फिस्टन तकनीकी विद्यालय के केंद्रीय सभागार में आयोजित कौशल विभाग के पुरस्कार वितरण समारोह में मंत्री लोढ़ा के हाथों यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले विद्यार्थियों की सराहना की। साथ ही, राज्य की उत्कृष्ट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं तथा ‘कौशलाचार्य’ राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के आयुक्त डॉ. अमित सैनी, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर, व्यवसाय एवं प्रशिक्षण संचालनालय के संचालक सतीश सूर्यवंशी, डिपेक्स के संचालक कनक कावडीवाले सहित राज्य के आईटीआई अधिकारी एवं विजेता विद्यार्थी उपस्थित थे।

मंत्री लोढ़ा ने कहा कि देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है, जिसमें कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्रजी फडणवीस के मार्गदर्शन में कौशल विकास विभाग ने आधुनिक पाठ्यक्रम लागू किए हैं, जिसके कारण महाराष्ट्र के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। आगामी समय में मुख्यमंत्री महाफंड योजना के तहत युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार केवल ऋण ही नहीं देगी, बल्कि प्रशिक्षण, मेंटरशिप और मार्केटिंग तक हर स्तर पर सहयोग करेगी। महाराष्ट्र आज जीडीपी, विदेशी निवेश, निर्यात, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में देश में अग्रणी है।
‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ और नई तकनीकों पर जोर – अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा
मनीषा वर्मा ने कहा कि आईटीआई देश के औद्योगिक विकास की रीढ़ है। राज्य के 1100 से अधिक आईटीआई में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के माध्यम से IoT, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, व्हाइट वेल्डिंग और ईवी जैसी नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

डिपेक्स के माध्यम से युवाओं को नई दिशा – डॉ. अमित सैनी
डॉ. अमित सैनी ने कहा कि ‘रील टू रियल टाइम’ जैसी अवधारणाओं से युवाओं को कौशल विकास की दिशा में प्रेरित किया जाएगा। ‘लर्निंग विद अर्निंग’ योजना के माध्यम से प्रशिक्षण के साथ कमाई का अवसर भी मिलेगा।
वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की आवश्यकता – डॉ. अपूर्वा पालकर
डॉ. अपूर्वा पालकर ने कहा कि आईटीआई संस्थानों का राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है और विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनानी चाहिए।
विजेताओं का सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट आईटीआई संस्थानों, कौशलाचार्य पुरस्कार विजेताओं, राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता के 22 विजेताओं तथा डिपेक्स प्रतियोगिता के 13 विजेताओं का सम्मान किया गया। साथ ही वंदे मातरम लोगो प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
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