
महाराष्ट्र में ‘डोंगरी महोत्सव’ में पधारे डेढ़ लाख ग्रामीण पर्यटक
-ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र का पर्यटन विभाग अब केवल मुंबई, पुणे और संभाजीनगर जैसे बड़े महानगरों की ‘एयरकंडीशन्ड’ नीति से बाहर निकलकर ग्रामीण पर्यटन की विशाल संभावनाओं की ओर रुख किया है। ग्रामीण पर्यटन को विकसित करने की दिशा में डोंगरी (पहाड़ी) महोत्सव महत्वपूर्ण साबित हुआ है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलने की अपार संभावना जताई गई हैं।
महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई ने बताया कि पर्यटन विभाग के 80 प्रतिशत कार्यक्रम अब तक केवल बड़े शहरों तक सीमित थे। ग्रामीण जनता को यह वैभव देखने तक का अवसर नहीं मिला। इसी वजह से हमने सतारा के पाटण स्थित दौलत नगर में ग्रामीण क्षेत्रों में ‘डोंगरी महोत्सव’ शुरू किया। देसाई ने बताया कि शहरों में जो चीज 500 रुपये में मिलती है, वही हमने ग्रामीण जनता के लिए 100 रुपये में उपलब्ध कराई। अब हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र पर्यटन का अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग करना है। उन्होंने बताया कि सतारा जिले में कोयना नदी की तराई में स्थित दौलत नगर में आयोजित पांच दिवसीय (2 से 6 अप्रैल) डोंगरी महोत्सव में करीब डेढ़ लाख लोगों की उपस्थिति से पर्यटन विभाग का उत्साह बढ़ा है। इसलिए अब महानगरों से बाहर निकलकर राज्य के दुर्गम व ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता देना जरूरी हो गया है और इसकी अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार पैराग्लाइडिंग, बग्गी राइड और कार्निवल परेड, बोट राइडिंग और स्थानीय कला जैसी अवधारणाएं लागू कर पर्यटन का दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र में विदेशियों से अधिक बढ़े घरेलू पर्यटक
हाल के वर्षों में महाराष्ट्र में घरेलू पर्यटको की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन, विदेशी पर्यटक अब भी पुराने और पारंपरिक पर्यटन स्थलों तक ही सीमित हैं। ऐसे में सरकार अब नए क्षेत्रों को विकसित कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है। इस कड़ी में महाराष्ट्र पर्यटन विकास कार्पोरेशन (एमटीडीसी) ने पुणे के पास लोणावला के कार्ले जैसे प्रमुख स्थानों पर मौजूद 60 से 70 एकड़ भूमि के विकास के लिए ‘ताज’ या ‘ओबेरॉय’ जैसे अंतरराष्ट्रीय समूहों को बुलाना चाहता है। ताकि विश्वस्तरीय ब्रांड्स को लीज पर देकर पर्यटन के स्तर को ऊंचा किया जा सके।
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