चर्नी रोड–गिरगांव पुल का विरोध करने वाले सैफी हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय लोगों का आंदोलन
गिरगांवकरों के हक के लिए कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा भी आंदोलन में शामिल हुए

मनमानी नहीं चलने देंगे, पुल बनेगा ही – मंत्री लोढा
जा.न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। चर्नी रोड–गिरगांव पुल का विरोध कर जनता को परेशान करने वाले सैफी हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ आज गिरगांवकरों का आक्रोश फूट पड़ा। गिरगांव पुल बचाव समिति और मंगलवाड़ी–केळेवाड़ी निवासी संघ के नेतृत्व में आज सैफी सेल्फी हॉस्पिटल के गेट के सामने तीव्र प्रदर्शन किया गया। गिरगांवकरों के अधिकारों के समर्थन में कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा भी इस आंदोलन में शामिल हुए।
मंत्री लोढा ने कहा कि गिरगांवकरों के अधिकारों के लिए वे आंदोलन में सहभागी हुए हैं और सैफी हॉस्पिटल की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी, पुल बनकर रहेगा। सैफी हॉस्पिटल प्रबंधन के विरोध में बड़ी संख्या में गिरगांवकर सड़क पर उतरे थे। पिछले चार वर्षों से सैफी हॉस्पिटल प्रबंधन ने पुल के काम को अटकाए रखा है। चर्नी रोड और गिरगांव को जोड़ने वाले पुल के अभाव में स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थान पर कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं, जिनमें दो लोगों की जान जाने की जानकारी गिरगांव पुल बचाव समिति के पदाधिकारियों ने दी।

करीब डेढ़ वर्ष पहले न्यायालय के निर्णय के बाद पुल का काम शुरू हुआ था, लेकिन सैफी हॉस्पिटल ने पुनः मनमानी करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। अब जब मुंबई महानगरपालिका का कामकाज फिर से शुरू हुआ है, तब जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे पर केंद्रित करने के लिए गिरगांवकर सड़क पर उतरे हैं।
गिरगांव में चर्नी रोड से केळेवाड़ी तक पुल निर्माण के लिए कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर मुंबई महानगरपालिका तथा पुल का विरोध करने वाले सैफी हॉस्पिटल प्रशासन के साथ कई बैठकें की हैं। उनके प्रयासों से मुंबई महानगरपालिका ने पुल को मंजूरी दी और इसके लिए निधि की व्यवस्था भी की गई।

हालांकि, सैफी हॉस्पिटल ने इस पुल के विरोध में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने गिरगांवकरों की समस्या को ध्यान में रखते हुए मुंबई महानगरपालिका को पुल निर्माण की अनुमति दी। पालिका ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया था और 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था, तभी पुनः सैफी हॉस्पिटल प्रशासन ने बाधा डाली।
गिरगांवकरों के इस आंदोलन में मंत्री लोढा ने सक्रिय सहभाग लेकर स्थानीय नागरिकों के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प व्यक्त किया, ऐसा मंगलवाड़ी–केळेवाड़ी निवासी संघ के कार्यकर्ता अमोल उसपकर ने बताया। इस आंदोलन में नगरसेविका श्रीमती स्नेहल तेंडुलकर, श्री गौरांग झवेरी और श्री रवी सानप के साथ पुल बचाव समिति के श्री शैलेश पोद्दार, श्री दीपक तळेकर और श्री गौरव शर्मा भी उपस्थित थे।
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