500 एकड़ जमीन का होगा सदुपयोग– मंगल प्रभात लोढ़ा
पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष, जिम, उद्यान और मनोरंजक केंद्र बनाए जाएंगे
उपनगर जिल्हाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश

जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में खुली जगहों की कमी के कारण नागरिकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण होने से अनेक सामाजिक समस्याएँ पैदा हो रही हैं। मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने बताया कि मुंबई की 500 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है और अब इस जमीन का जनहित में सदुपयोग किया जाएगा। मुंबई उपनगर के सह प्रभारी मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि इस संबंध में उपनगर जिल्हाधिकारी सौरभ कटियार और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बांद्रा जिल्हाधिकारी कार्यालय में बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
मुंबई शहर के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर सरकारी जमीनों और मैंग्रोव (कांदळवन) पर अतिक्रमण हो रहा है। मुख्य रूप से सरकार की खाली जमीनों पर यह अतिक्रमण हो रहा है और इसे रोकना अत्यंत आवश्यक हो गया है। मालाड–मालवणी क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है और पहले चरण में 9,000 वर्ग मीटर जमीन प्रशासन द्वारा अतिक्रमणमुक्त की गई है। लेकिन खाली हुई जमीन पर दोबारा अतिक्रमण न हो, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है, ऐसा मंत्री लोढ़ा ने कहा। उन्होंने जिल्हाधिकारी कटियार को इन जमीनों का तुरंत कब्ज़ा लेने के निर्देश दिए। साथ ही मुंबई के मानखुर्द, कुर्ला, गोवंडी क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण है। वहां भी सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश उन्होंने दिए।
मुंबई शहर और उपनगर मिलाकर महाराष्ट्र सरकार की लगभग 27,000 एकड़ जमीन और केंद्र सरकार की 5,000 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण हुआ है। इतने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण होने से मुंबईकरों को मूलभूत सुविधाएँ प्रदान करना प्रशासन के लिए बेहद कठिन हो गया है। लेकिन वर्तमान में बची हुई खाली जमीनों को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है, ऐसा उन्होंने कहा। सबसे पहले मुंबई क्षेत्र की 500 एकड़ खाली जमीन की सूची बनाकर उन पर सामाजिक व सेवाभावी संस्थाओं द्वारा रचनात्मक उपक्रम शुरू करने के लिए प्रशासन को प्रयास करना चाहिए। इन जमीनों पर खेल के मैदान, पुस्तकालय, व्यायामशाला, अध्ययन कक्ष जैसे उपक्रम विकसित किए जा सकते हैं। इससे शहर की खाली जमीनें सुरक्षित रहेंगी, ऐसा मंत्री लोढ़ा ने कहा।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि मालाड–मालवणी क्षेत्र में जारी अतिक्रमण हटाने की पहली चरण की कार्रवाई की जानकारी दी गई। इस क्षेत्र में 28 आंगनवाड़ियों पर अतिक्रमण कर उस जगह पर मांस बिक्री, पान की दुकानों तथा अन्य व्यवसायों सहित अवैध निर्माण कर कब्ज़ा किया गया था। इन स्थानों पर कार्रवाई के दौरान कब्जा करने वालों पर अपराध दर्ज करने के आदेश भी मंत्री लोढ़ा ने दिए।
मालाड–मालवणी क्षेत्र में स्थानीय विधायक के संरक्षण में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या लोगों के अवैध रूप से रहने की बात सामने आई है। अवैध आधार कार्ड, राशन कार्ड का उपयोग करके ये घुसपैठिए मतदाता सूची में नाम दर्ज करा रहे हैं। इस क्षेत्र में पिछले दस वर्षों में मतदाताओं की संख्या दोगुनी होने का उल्लेख भी किया गया। इस घुसपैठ से मुंबई की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है और इस पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ऐसे निर्देश लोढ़ा ने दिए।
इस बीच, मुंबई उपनगर की खाली जमीनों का वर्गीकरण कर वहां जल्दी ही रचनात्मक उपक्रम शुरू करने के उद्देश्य से प्रशासन कार्रवाई करेगा, ऐसा उपनगर जिल्हाधिकारी सौरभ कटियार ने कहा। साथ ही सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाएंगे, ऐसा पुलिस उपायुक्त श्री संदीप जाधव ने बताया।
