मलाड के मालवणी में अनधिकृत निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई
मुंबई उपनगर के सह-पालक मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने कार्रवाई पर व्यक्त किया समाधान

जल्द ही निष्कासित भूमि पर बनाए जाएंगे सुरक्षा दीवार और आंगनवाड़ी केंद्र
जा.न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। मुंबई पश्चिमी उपनगर के मालाड और मालवणी क्षेत्र की सरकारी भूमि पर किए गए अनधिकृत निर्माण पर मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और अन्य सरकारी विभागों ने कार्रवाई करते हुए पहले चरण में करीब नौ हजार वर्गमीटर सरकारी जमीन को अतिक्रमण-मुक्त किया है। यह जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों ने आज मंत्रालय में मुंबई उपनगर के सह-पालक मंत्री मंगलप्रभात लोढा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दी। मंत्री लोढा ने बताया कि यह बैठक स्थानीय नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर हुई कार्रवाई की समीक्षा करने के लिए आयोजित की गई थी।
मालाड और मालवणी की सरकारी जमीन पर हुए कब्जे और अनधिकृत निर्माण को हटाने के संबंध में, जनता दरबार के बाद सह-पालक मंत्री श्री लोढा ने प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस लिहाज से एक टास्क फोर्स भी गठित की गई थी। उसी कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा के लिए मंत्री लोढा ने 17 अक्टूबर, 27 अक्टूबर और 6 नवंबर 2025 को लगातार बैठकें लेकर इस पर विशेष ध्यान दिया। इन बैठकों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुंबई महानगरपालिका के अधिकारी और MHADA के अधिकारी भी उपस्थित थे।
टास्क फोर्स द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में अधिकारियों ने बताया कि यह पहले चरण की कार्रवाई है। इस कार्रवाई में मालवणी क्षेत्र के नौ हजार वर्गमीटर अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त किया गया है। अगले चरण में मंग्रोज और अन्यक्षेत्रों के अतिक्रमण पर भी कार्रवाई की जाएगी। पहले चरण की कार्रवाई से मंत्री लोढा ने संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रशासन को इस कार्रवाई के लिए आवश्यक सहयोग सरकार की ओर से दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन स्थानों पर आंगणवाड़ी थीं, वहां नई आंगणवाड़ियाँ स्थापित करने हेतु फंड उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, निष्कासित भूमि पर प्रशासन तुरंत सुरक्षा दीवार बनाए ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो,ऐसे निर्देश भी मंत्री लोढा ने अधिकारियों को दिए।
बहरहाल, मालवणी क्षेत्र में आयोजित जनता दरबार में स्थानीय नागरिकों ने जबरन किए जा रहे अनधिकृत निर्माण की शिकायतें पेश की थीं। नागरिकों ने आरोप लगाया था कि स्थानीय विधायक अनधिकृत निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं। केवल अनधिकृत निर्माण ही नहीं, बल्कि इलाके में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ भी बड़ी संख्या में हो रही है, ऐसा भी नागरिकों ने कहा। इसके अलावा वहाँ गुंडागर्दी बढ़ने के साथ-साथ जर्जर आंगनवाड़ियों पर असामाजिक तत्वों ने कब्ज़ा कर लिया है, ऐसी शिकायतें भी की गई थीं।
इसी पृष्ठभूमि में सरकारी जमीन वापस लेने और अनधिकृत निर्माण पर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश मंत्री लोढा ने उसी समय जारी किए थे।
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