आईटीआई में तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास के 20 पाठ्यक्रम 15 सितंबर से शुरू होंगे – मंगल प्रभात लोढ़ा
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार नीति 2025 के अंतर्गत “मुख्यमंत्री उद्यमिता और नवाचार महाफंड” योजना चलाई जाएगी। विभिन्न तकनीकी शिक्षा प्राप्त 30 लाख युवक-युवतियों का सरकार के पास पंजीकरण है। इन सभी को ईमेल के माध्यम से एआई आधारित परीक्षा दी जाएगी। इनमें से पाँच लाख युवक-युवतियों का विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से चयन किया जाएगा। इसके बाद छंटनी कर 1 लाख उम्मीदवारों का चयन मूल्यांकन परीक्षाओं, प्रतियोगिताओं और हैकाथॉन के माध्यम से किया जाएगा।
अंतिम चरण में 25,000 चयनित उम्मीदवारों को तकनीकी सहायता, आर्थिक मदद और प्रशिक्षण देकर सफल उद्यमी और स्टार्टअप्स तैयार करने का लक्ष्य है। आईटीआई में तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ अन्य संबंधित व्यक्तित्व विकास के 20 पाठ्यक्रम 15 सितंबर से शुरू किए जाएंगे, ऐसा कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा।मंत्रालय में कौशल विकास विभाग के अंतर्गत चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देने के लिए आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा बोल रहे थे। इस अवसर पर कौशल विकास आयुक्त लहुराज माळी भी उपस्थित थे।
कौशल विकास मंत्री लोढ़ा ने कहा कि “महाराष्ट्र स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार नीति 2025” को मंजूरी दी गई है और अब इस नीति को औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। इसे महाराष्ट्र राज्य नवाचार संस्था के माध्यम से चलाया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य महाराष्ट्र को भारत का सबसे गतिशील और भविष्य उन्मुख स्टार्टअप केंद्र बनाना है। इस नीति में आगामी पाँच वर्षों के लिए महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है, जिसका लक्ष्य 1.25 लाख उद्यमियों का निर्माण और 50,000 स्टार्टअप्स को मान्यता देना है। इसमें शहरी, ग्रामीण, महिला और युवा उद्यमियों सहित सभी क्षेत्रों के उभरते प्रौद्योगिकी और वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अभ्यर्थियों को मिलेगा 10 लाख तक ऋण
इस नीति का एक प्रमुख घटक यह है कि चयनित उम्मीदवारों को वित्तीय संस्थानों की भागीदारी से ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का ऋण सहायता प्रदान की जाएगी। पाँच वर्षों की अवधि के लिए ₹500 करोड़ का कोष (कॉर्पस) स्थापित किया जाएगा। महाराष्ट्र स्टार्टअप वीक के तहत चयनित स्टार्टअप्स को सरकारी विभागों के साथ सीधे काम करने का अवसर मिलेगा और ₹25 लाख तक की पायलट परियोजना के आदेश दिए जाएंगे। राज्य का प्रत्येक विभाग अपनी वार्षिक योजना का 0.5% बजट नवाचार और उद्यमिता के लिए उपलब्ध कराएगा। इन सभी योजनाओं को महाराष्ट्र राज्य नवाचार संस्था (MSInS) के सहयोग से लागू किया जाएगा, जो राज्य में नवाचार और उद्यमिता क्षेत्र की सर्वोच्च संस्था के रूप में कार्य करेगी।
आईटीआई में 20 नए शॉर्ट टर्म पाठ्यक्रम 15 सितंबर से शुरू होंगे
मंत्री लोढा ने कहा कि आईटीआई में 20 नए शॉर्ट टर्म (अल्पावधि) पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास के ये पाठ्यक्रम 15 सितंबर से शुरू होंगे, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त करने के लिए अधिक कौशल मिलेगा।
प्रबंधन क्षेत्र के पाठ्यक्रम:
बिजनेस एनालिटिक्स – 4 महीने
मार्केटिंग मैनेजमेंट – 3 महीने
प्रोडक्शन मैनेजमेंट – साढ़े 3 महीने
फाइनेंशियल मैनेजमेंट – 3 महीने
बिहेवियरल मैनेजमेंट – साढ़े 3 महीने
सॉफ्ट स्किल्स के पाठ्यक्रम:
एडवांस्ड कम्युनिकेटिव इंग्लिश और प्रोफेशनल स्किल्स ट्रेनर – 3 महीने
फंडामेंटल्स ऑफ कंटेंट राइटिंग – 3 महीने
कम्युनिकेटिव इंग्लिश ट्रेनर – 3 महीने
पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और ग्रूमिंग – साढ़े 3 महीने
कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (CRM) – 3 महीने
सेवा क्षेत्र के पाठ्यक्रम:
एडवांस्ड कोर्सेस इन गार्डनिंग – साढ़े 3 महीने
इलेक्ट्रिशियन और प्लम्बिंग – 3 महीने
नर्सिंग – 3 महीने
फ्रंट डेस्क कोऑर्डिनेटर – 3 महीने
हाउसकीपिंग सुपरवायज़र – साढ़े 3 महीने
AI मशीन लर्निंग डेवलपर – 3 महीने
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस – साढ़े 3 महीने
ड्रोन टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस – 3 महीने
ईवी मैकेनिक – साढ़े 3 महीने
इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन – 4 महीने
स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार प्रत्येक संबंधित आईटीआई को अन्य 5 पाठ्यक्रम चुनने की स्वतंत्रता दी गई है।
अर्बन क्षेत्र:
को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी मैनेजमेंट कोर्स
कोस्टल क्षेत्र:
फिश प्रोसेसिंग, ऑर्नामेंटल फिशरीज
एग्रीकल्चर बेल्ट:
एग्रो प्रोसेसिंग, फूड प्रोसेसिंग टेक्नीशियन – ये सभी अल्पकालीन पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं।
