बयान देने की जरूरत नहीं, हम स्थिति संभालने में सक्षम
महाराष्ट्र में मराठी-गैरमराठी का कोई विवाद नहीं
जा.न्यूज संवाददाता
मुंबई। मुंबई में मराठी–गैरमराठी विवाद में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की लगातार टिप्पणी से सियासी बयानबाजी बढ़ती जा रही है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने सोमवार को सांसद दुबे को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि उन्हें मराठी–हिंदी भाषा विवाद के ट्रैप में नहीं फंसना चाहिए। उबयान देने की कोई जरूरत नहीं है। हम यहां की स्थिति को संभालने में सक्षम हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोमवार को मंत्रालय में वॉर रूम बैठक की जिसमें राज्य के 33 विभिन्न प्रोजेक्ट में आ रहे अड़चन को सुलझाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यहां मराठी और गैर मराठी सुरक्षित है। हिंदीभाषी और मराठीभाषी चार–पांच पीढ़ियों से यहां मिलकर साथ में रहते हैं। महाराष्ट्र में मराठी–गैरमराठी के बीच कोई विवाद नहीं है। कुछ लोग यह विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि इस प्रकार भेद मराठी और गैरमराठी के बीच पैदा हो और उन्हे चुनाव में इसका लाभ मिल सके। लेकिन, दरार पैदा करने वाले लोगों को मराठी और गैर मराठी दोनो ही चुनाव में उनकी जगह दिखाएंगे। उन्होंने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को सलाह दी है कि वे इस मुद्दे पर न कोई वक्तव्य करें और न ही इस विवाद में पड़ें, क्योंकि कुछ लोगों को उनके बोलने से विवाद के लिए बल मिलता है।
मुझे उम्मीद है कि अब देशविरोधी रवैया बदलेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से मिली नसीहत पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने राहुल गांधी को शीर्ष अदालत का आभार माना है। उन्होंने कहा कि वे बिना साक्ष्य के भारत विरोधी बयान देते हैं। राहुल गांधी बिना सबूत के लगातार बोलते रहे कि चीन ने भारत की जमीन हथियायी है। जिस भाषा में चीन और पाकिस्तान बोलता है उसी भाषा में राहुल गांधी भी बोलते हैं। इससे न केवल देश की बदनामी होती है बल्कि माइनस 40 डिग्री के ताममान में रहकर देश की सीमा की रक्षा करने वाले सैनिकों का आत्मबल गिरता है और उनका अपमान होता है। मुझे उम्मीद है कि अब राहुल गाधी सुधरेंगे और अपना रवैया बदलेंगे।

