राज्य में रिकॉर्ड 102 रोजगार मेले, 57 हजार पंजीकरण, 27 हजार युवाओं को एक ही दिन में मिला रोजगार
मुंबई, 22 जुलाई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर कौशल, रोजगार और नवाचार विभाग द्वारा आयोजित महाराष्ट्रव्यापी पंडित दीनदयाल उपाध्याय रोजगार मेले में रिकॉर्ड 57,000 युवाओं ने पंजीकरण किया, जबकि 27,000 युवाओं को एक ही दिन में रोजगार मिला।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का जन्मदिन राज्य के युवाओं के लिए अविस्मरणीय बन जाए और उनके करियर की एक नई शुरुआत हो, इसी उद्देश्य से कौशल विभाग ने यह अभिनव उपक्रम आयोजित किया, ऐसा स्पष्ट वक्तव्य कौशल विकास मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढा ने दिया।

वे मुंबई के गिरगांव इलाके में स्थित शारदा मंदिर हाई स्कूल में आयोजित रोजगार मेले में बोल रहे थे। यह उपक्रम जिला कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्र, मुंबई शहर और शारदा मंदिर हाई स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।पूरे महाराष्ट्र में 100 से अधिक रोजगार मेले आयोजित किए गए।राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचानेवाले और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देनेवाले लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की दूरदृष्टि को केंद्र में रखते हुए यह उपक्रम शुरू किया गया, ऐसा भी मंत्री लोढा ने कहा।

इन रोजगार मेलों के माध्यम से राज्य के हजारों युवाओं के सपने साकार हो रहे हैं और उनका उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित हो रहा है। मंत्री लोढा ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में ऐसे उपक्रम आगे भी जारी रहेंगे।
महाराष्ट्र में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय रोजगार मेलों के माध्यम से हजारों युवाओं को निजी और सरकारी उपक्रमों में नौकरी के अवसर मिल रहे हैं। औद्योगिक, सूचना प्रौद्योगिकी, बीमा, लॉजिस्टिक, प्रबंधन और सेवा क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं उपलब्ध हैं।
मुंबई के शारदा मंदिर हाई स्कूल में आयोजित रोजगार मेले में कुल 25 कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें से 5 सरकारी उपक्रम भी शामिल थे। इस मेले में कुल 500 युवाओं ने पंजीकरण किया।
हालांकि इस मेले का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार दिलाना था, लेकिन कौशल विभाग की ओर से युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और स्वरोजगार को लेकर मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। ऐसी जानकारी कौशल विभाग के सहायक आयुक्त श्री शैलेश भगत ने दी।
इस अवसर पर कौशल विकास मार्गदर्शन अधिकारी विद्या शिंगे और मुकेश संखे भी उपस्थित थे।
