आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया में दोहरा लाभ उठानेवाले विद्यार्थियों पर कड़ी कार्रवाई
विधान परिषद में 260 प्रस्ताव पर उत्तर देते हुए कैबिनेट मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढा ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में प्रवेश लेते समय अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक दोनों वर्गों की छूट का गलत फायदा उठानेवाले विद्यार्थियों पर सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि झूठे तरीके से प्राप्त लाभों को रोककर, ईमानदार विद्यार्थियों को न्याय दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
रोजगार, स्टार्टअप्स और कौशल विकास के लिए सरकार की नई दिशा
इस अधिवेशन में मुख्यमंत्री श्री देवेंद्रजी फडणवीस ने भी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए स्पष्ट किया था कि अनुसूचित जाति के आरक्षण का लाभ केवल हिंदू, बौद्ध और सिख समुदाय के नागरिकों तक सीमित है। अन्य धर्मों के कुछ लोगों ने यदि ऐसे जाति प्रमाणपत्रों का उपयोग कर यह लाभ प्राप्त किया हो, तो उनके प्रमाणपत्रों की वैधता रद्द की जाएगी, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सरकार इस संबंध में और प्रभावी उपाय लाने की तैयारी में है। इसी पृष्ठभूमि में आईटीआई में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेनेवाले विद्यार्थियों के विरुद्ध होनेवाली कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आज विधान परिषद में बोलते हुए श्री लोढा ने राज्य सरकार की रोजगार, स्टार्टअप और कौशल विकास योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में आईटीआई को आधुनिक बनाने के लिए PPP मॉडल लागू करने का क्रांतिकारी निर्णय विभाग ने लिया है। इसके माध्यम से आईटीआई में बुनियादी सुधार, नई सुविधाएं, तकनीक और विकास के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नए पाठ्यक्रम, रोजगार और स्वरोजगार के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। आईटीआई के पाठ्यक्रमों को डिप्लोमा के दर्जे की मान्यता मिले, इसके लिए भी विभाग प्रयासरत है।
मंत्री लोढा ने यह भी स्पष्ट किया कि विभिन्न माध्यमों से पांच लाख विद्यार्थियों को स्वरोजगार के लिए सहयोग देने की सरकार की मंशा है। स्टार्टअप शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्र में आवश्यक अनुभव मिल सके, इसके लिए विशेष प्रशिक्षण योजना चलाई जाएगी। साथ ही, स्टार्टअप्स और व्यवसायों के लिए मुंबई के पास विश्वस्तरीय ‘इनोवेशन सिटी’ की स्थापना का कार्य सरकार ने हाथ में लिया है। प्रत्येक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में इनक्यूबेशन सेंटर शुरू करके विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता दी जाएगी। इन सबके लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण भी अत्यंत आवश्यक है और इसी दृष्टिकोण से औंध में ‘ट्रेन द टीचर्स’ कार्यक्रम हेतु विशेष भवन का निर्माण किया जा रहा है।
महाराष्ट्र के उद्यमियों से मंत्री लोढा ने अपील की कि वे अपने CSR निधि का उपयोग स्थानीय लोगों के लिए करें, ताकि उस क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और अवसर प्राप्त हो सकें। “महाराष्ट्र में अगले पांच वर्षों में ऐसा कोई विद्यार्थी नहीं बचेगा जिसे रोजगार न मिले या जिसे स्वरोजगार के प्रयास का अवसर न मिले,” ऐसा दृढ़ विश्वास भी उन्होंने इस अवसर पर व्यक्त किया।
