क्या आदित्य ठाकरे ने कुर्ला में रह रहे रोहिंग्या-बांग्लादेशियों की झोपड़ियों को बचाने के लिए झूठा आरोप लगाया?
मुंबई : कुर्ला स्थित महाराणा प्रताप शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) परिसर के जंगल को काटकर स्विमिंग पूल बनाया जा रहे हैं, ऐसा आरोप आदित्य ठाकरे ने लगाया था। इस पर कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने जोरदार जवाब देते हुए कहा है, “वहां स्विमिंग पूल नहीं, बल्कि शिवकालीन पारंपरिक खेलों का मैदान बनाया जा रहा है। असल में आदित्य ठाकरे का उद्देश्य उस परिसर में बसे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की अवैध झोपड़ियों को बचाना है क्या?” ऐसा सीधा सवाल मंत्री लोढ़ा ने उठाया है।
शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने मुंबई के कुर्ला आईटीआई परिसर में लगभग 9,000 पेड़ काटने की महाराष्ट्र सरकार की योजना पर चिंता व्यक्त की है। ठाकरे ने प्रस्तावित पेड़ कटाई की वैधता और समय पर सवाल उठाते हुए सुझाव दिया कि यह सड़क निर्माण की आड़ में किया जा रहा है। राज्य मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने इन दावों का खंडन किया, ठाकरे पर बांग्लादेशी रोहिंग्याओं द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण की रक्षा करने का आरोप लगाया।
बता दें कि कुर्ला के आईटीआई परिसर में पिछले दो महीनों से ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर’ के नाम पर एक पारंपरिक मराठी खेलों का मैदान तैयार किया जा रहा है। आगामी 13 अगस्त को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर भव्य देशी और पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। आईटीआई के विद्यार्थियों को कोई परेशानी न हो और अन्य खिलाड़ियों को भी प्रवेश मिल सके, इस उद्देश्य से पिछले हिस्से में एक पगडंडी और द्वार निर्माण का कार्य शुरू किया गया है।
“इस पगडंडी के कारण आईटीआई के बाहर बसी रोहिंग्या-बांग्लादेशियों की अवैध झोपड़ियों को बाधा पहुंचेगी।, शायद यही डर आदित्य ठाकरे को सता रहा है। मुंबई में पहली बार पारंपरिक मराठी खेलों का मैदान बन रहा है, इसका स्वागत करने के बजाय, वह रोहिंग्या-बांग्लादेशियों की अवैध झोपड़ियों को बचाने की बेकार कोशिश क्यों कर रहे हैं?” ऐसा तीखा सवाल मंत्री लोढ़ा ने उठाया है।
