वापी के चला स्थित भाथेला पार्टी प्लॉट में श्रीजी इवेंट्स के बैनर तले किया गया भव्य गरबा का आयोजन
काना मने द्वारिका देखड…, पेथल पुर में पावो वाग्यो…, छोटापा तारा…की धुन पर थिरके खेलैय्या , लोगों में दिखा भारी उत्साह_
जागरण न्यूज़ , वापी,
गुजरात की मशहूर गरबा क्वीन कैरवी बुच पहली बार वापी में आ कर समा बांध दिया , गरबा प्रेमियों का खूब मनोरंजन किया ।बूढ़े,जवान ,महिलाएं , बच्चे सभी जम कर गायिका की धुन पर थिरकते नजर आए।
बता दें कि श्रीजी इवेंट्स द्वारा “रास रामझट सीजन 8- 2024 ” कार्यक्रम के आयोजक समीर पटेल ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी शरद पूर्णिमा के अवसर पर भव्य गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस महोत्सव में वापी के हजारों लोगों ने गरबे का भरपूर आनंद लिया और यह आयोजन बेहद सफल रहा।
मशहूर गायिका कैरवी बुच की सुरमई आवाज और आधुनिक नए बैंड के साथ, वापी के 30 से अधिक गरबा खेलैया ग्रुपों ने पूरे जोश के साथ गरबा खेला। इस आयोजन का विशेष रूप से वापी के विभिन्न गरबा ग्रुपों के आग्रह पर आयोजन किया गया था, जहां हजारों गरबा प्रेमी नृत्य करते हुए शरद पूर्णिमा की इस रात को यादगार बना गए।

आयोजकों ने गरबा की गरिमा को कायम बनाए रखा और गरबा गायिका कैरवी बुच ने काना मने द्वारिका देखड…, पेथल पुर में पावो वाग्यो…, छोटापा तारा… जैसे परंपरा गत प्राचीन गरबा फ्यूजन के साथ अपनी आवाज का जादू बिखेरा। इस गरबा उत्सव में 30 से अधिक खिलाड़ी समूहों और अन्य गरबा प्रेमियों के साथ 2000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
वापी वासियों की तरफ से श्री जी इवेंट्स के आग्रह पर गायिका कैरवी बुच पहली बार वापी आई थी। मीडिया से बातचीत में कैरवी बुच ने कहा
वापी के लोगों द्वारा दिए गए सम्मान और प्रेम से अभिभूत हूं। गरबा का क्रेज सिर्फ गुजरात में ही नहीं बल्कि पूरे देश में बढ़ रहा है. लोग अब दिवाली से भी ज्यादा उत्साह से नवरात्रि के नौ दिन मनाते हैं। उन्होंने कहा, एक कलाकार के तौर पर गरबा अब कई किस्मों के साथ गाया जाता है। जो हर वर्ग के लोगों के बीच पसंदीदा बनता जा रहा है. ऐसे में हर कलाकार को सोशल मीडिया का सहारा मिल गया है. तो वहीं अब उनके जैसे कई कलाकारों को अपनी एक अलग पहचान बनाने में फायदा हुआ है. हालाँकि, माताजी की पूजा के इस अवसर पर वह हमेशा बूढ़े और दादा-दादी का गरबा गाना ज्यादा पसंद करते हैं जो आज भी लोकप्रिय है।
