आखिरकार , उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर ही दी औपचारिक घोषणा
जागरण न्यूज , मुंबई,
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए पिछले कई दिनों से ठाणे और कल्याण से सीट बंटवारे को लेकर काफी असमंजस की स्थिति रही। चूंकि गठबंधन धर्म में पालन दोनों ओर से करना पड़ता है ,इसी के चलते देर से ही लेकिन दुरुस्त आए यह बात सटीक लग रही है।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे वर्ष 2024 का चुनाव कल्याण लोकसभा सीट से लड़ेंगे यह घोषणा राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को की। फडणवीस ने महायुति गठबंधन में विवाद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि श्रीकांत शिंदे कल्याण से महायुति के उम्मीदवार हैं।

बता दें कि मौजूदा सांसद श्रीकांत शिंदे कल्याण निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना (यूबीटी) की प्रत्याशी वैशाली दरेकर से मुकाबला करेंगे। शिंदे गुट की तरफ प्रत्याशियों की दो सूची घोषित की जा चुकी है, लेकिन इनमें से किसी में भी श्रीकांत शिंदे का नाम नहीं है। शिंदे गुट की तरफ से 28 मार्च को प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की गई। इसके आठ दिन बाद हिंगोली के प्रत्याशी हेमंत पाटिल को बदल दिया गया। साथ ही यवतमाल-वाशिम लोकसभा सीट पर वर्तमान सांसद भावना गवली का टिकट काट दिया गया। कल्याण में भाजपा विधायक गणपत गायकवाड के समर्थन श्रीकांत शिंदे की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे थे।
वहीं पूरे मामले में शिंदे गुट के मंत्री शंभुराज देसाई ने कल्याण से श्रीकांत शिंदे के चुनाव लड़ने की घोषणा पर कहा कि यह महायुति गठबंधन की एकता को दर्शाती है। भाजपा-शिवसेना भाई-भाई हैं, इसलिए देवेंद्र फडणवीस ने कल्याण लोकसभा सीट से श्रीकांत शिंदे की घोषणा की और भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता श्रीकांत शिंदे के साथ होंगे। अब देवेंद्र फडणवीस ने जब खुद श्रीकांत शिंदे की उम्मीदवारी घोषित किया है , तो मतलब भाजपा कार्यकर्ताओं को संदेश है कि पार्टी शिंदे का साथ देगी।

कल्याण लोकसभा सीट पर डॉ. श्रीकांत शिंदे वर्ष 2014 और 2019 में सांसद चुने गए। अब वे तीसरी बार चुनाव मैदान में होंगे। वर्ष 2014 में उन्होंने राकांपा प्रत्याशी आनंद परांजपे को तथा 2019 में राकांपा प्रत्याशी बाबाजी पाटिल को हराया था। उस वक्त शिवसेना में फूट नहीं पड़ी थी और कल्याण-ठाणे में वह खासी ताकत रखती थी। अब शिवसेना में फूट पड़ गई है। ऐसे में इस बार कल्याण लोकसभा का गणित काफी अलग होगा। श्रीकांत शिंदे को टक्कर देने के लिए ठाकरे गुट ने वैशाली दरेकर को मैदान में उतारा है। वर्ष 2009 में उन्होंने मनसे के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। उस वक्त वे एक लाख से अधिक वोट हासिल करने में कामयाब रही थी।
