हिंदुत्व का चोला पहनकर महाराष्ट्र मे घूम रहा है बहुरुपिया राक्षस – संजय पांडेय

विरोधियों पर बरसे कहा , रामलला के अस्तित्व को नकारने वालों का अस्तित्व मिटाएंगे रामभक्त
जागरण न्यूज नेटवर्क ,
मुंबई।
भारतीय जनता पार्टी , महाराष्ट्र उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पांडेय ने हिंदुत्व का चोला पहन कर लोगों को गुमराह करने वालों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने अंधेरी पश्चिम में आयोजित उत्तर भारतीय स्नेह सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रामायण सीरियल में हमने अनेकों बार ऐसा वर्णन देखा है कि कुछ राक्षस रूप बदलते थे। अनेकों बार वे रूप बदलकर प्रकट होते थे। आज महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसे ही बहुरूपिया राक्षस भेष बदलकर घूम रहे हैं जो अपने आपको हिंदुत्ववादी कह रहे हैं। इनसे सावधान रहने की जरूरत है।

संजय पांडेय ने कहा कि भेष बदलने वाला राक्षस उत्तर भारतीयों के दरवाजे पर जाकर अपना माथा पटक रहा है और कह रहा है कि मैं आपके साथ हूं। वह हिंदू विरोधी राक्षस कौन है? यह समझने की जरूरत है। संजय पांडेय ने कोरोना काल की याद साझा करते हुए उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि
उस समय उत्तर भारतीय दिहाड़ी मजदूर संघर्ष कर रहा था। तब आप सत्ता में बैठे थे। आप कहते थे कि हमारा कुटुंब हमारी जवाबदारी। हम दो हमारे दो, बाकी सबको मरने दो। आपकी ऐसी धारणा की वजह से चिलचिलाती धूप में उत्तर भारतीयों को पैदल स्थलांतरित होना पड़ा। तब आप मातोश्री बंगले में बंद थे। आज उनके दरवाजे पर जाकर कह रहे हैं कि हम उत्तर भारतीयों के रहनुमा हैं। उद्धवजी आपके इस अपराध को उत्तर भारतीय कभी क्षमा नहीं करेंगे। श्री पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से पूछा कि जिन्होंने हिंदुत्व का विरोध किया, उनके साथ क्यों गए। हमारे नेता देवेन्द्र फडणवीस जी के पीठ में छुरा क्यों घोपा। आपका हिंदुत्व से कोई लेना देना नहीं है। तब आपको हिंदुत्व की याद नहीं आई जब रामलला के अस्तित्व को नकारने वाली कांग्रेस के साथ जाकर सत्ता में बैठ गए और अब उनके साथ चुनाव लड़ना चाहते हैं। आप हिंदु हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के पुत्र हैं जिनकी एक आवाज पर महाराष्ट्र थम जाता था। किसी की हिम्मत नहीं होती थी कि कोई हिंदुओं को आंख उठाकर देख सके। लेकिन यहां तो चिराग तले अंधेरा हो गया।
संजय पांडेय ने कहा कि उद्धव जी आपके मुख्यमंत्रित्व काल में इसी महाराष्ट्र की भूमि पर एक शरजिल उस्मानी नामक सिरफिरा महाराष्ट्र में आकर यहां पर हिंदुओं को सड़ी हुई कौम कहकर चला जाता है और आपकी हिम्मत नहीं पड़ी कि उसे गिरफ्तार कर लें। भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा ने आवाज उठाई तो पागल शरजिल की जगह हम लोगों को जेल में ठूंस दिया। आज किस मुंह से अपने आपको हिंदुत्ववादी कह रहे हैं। आपके मुख्यमंत्री रहते हुए पालघर में साधु की हत्या हमारा समाज भूला नहीं है। जब राम मंदिर का शिलान्यास हो रहा था। राम भक्तों की इच्छा थी कि अयोध्या जाएं लेकिन कोरोना काल में वहां जाना संभव नहीं था। भाजपा ने मांग की कि मंदिरों में महाआरती की अनुमति दें। ठाकरे सरकार ने शराब की दुकानें खुलवा दी लेकिन मंदिर में आरती नहीं होने दी। यह जघन्य अपराध उद्धव ठाकरे ने किया है। हर विकास काम का विरोध उनका ध्येय बन गया है।

अयोध्या में 500साल के बाद कलंक मिटा है, रामलला ताट से ठाट में विराजे हैं तो उद्धव कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बना है। पांडेय ने याद दिलाया कि मोदी जी की सरकार ने 450 प्रमाण कोर्ट में पेश किया जिससे सिद्ध हुआ कि वह रामलला की जन्मभूमि है। इसके बाद अदालत ने आदेश पारित किया। पांडेय ने चेतावनी दी कि आने वाले समय आपको जिन्होंने रामलला के अस्तित्व को नकारा है,रामभक्तों की एकता और अखंडता उनका अस्तित्व मिटाए बिना हम शांत नहीं बैठेंगे। जो मेरे राम का नहीं वह किसी काम नहीं।
