
सोशल मीडिया में वायरल हुए भगवान राम की मूर्ति देख कर कई लोगों की आंखे भर आई5, तो कई लगातार एक तक चित्र को ही निहारते रहे।
बता दें अयोध्या में 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा से 3 दिन पहले रामलला की प्रतिमा की पहली पूरी तस्वीर सामने आई। काले पत्थर से बनी मूर्ति में भगवान का विहंगम स्वरूप दिखाई दे रहा है। 5 साल के रामलला के चारों तरफ आभामंडल बनाया गया है।
रामलला के दिव्य दर्शन। जीवन का आधार ही राम नाम हैं। संसार चल ही राम नाम से रहा हैं। हर जगह राम नाम की महिमा का गुणगान हैं। राम सिर्फ एक नाम नहीं हैं। राम नाम तो सबसे बड़ा मन्त्र हैं। राम नाम की महिमा अदभुद हैं। तभी तो सदाशिव भोले शंकर भी राम नाम जपते रहते हैं। इसी नाम का शिवजी हर पहर जाप करते रहते हैं। सूर्य, चन्द्रमा, अग्नि, वायु सभी में जो शक्ति हैं वो सब राम नाम की हैं।
राम नाम तो अविनाशी हैं। दुनिया इधर से उधर हो जाए, सब कुछ बदल जाए पर यह राम नाम ज्यों का त्यों यूं ही सदा बना रहेगा। इस राम नाम की महिमा कभी भी कम नहीं होगी बल्कि दिन-प्रतिदिन इसकी महिमा बढ़ती ही जाएगी।
राम नाम तो मणिदीप की तरह हैं जो कभी बुझता ही नहीं हैं। जैसे दीपक को चौखट पर रख देने से घर के अंदर और बाहर दोनों हिस्से प्रकाशित हो जाते हैं, वैसे ही राम नाम को जपने से अंतःकरण और बाहरी आचरण दोनों प्रकाशित हो जाते हैं। जीवन में आनंद ही आनंद हो जाता हैं।
राम नाम भक्ति की महिमा का गुणगान करता हैं। सबसे बड़े भक्त बलशाली हनुमान जी भी इसी नाम का हर पल गुणगान किया करते हैं। इसी नाम की ध्वनि से वो खुश होते हैं। ये केवल एक नाम नहीं हैं। भक्त की भक्ति हैं राम नाम, वीर की शक्ति हैं राम नाम, हनुमान जी का बल हैं राम नाम। सभी पापों का काटनहार हैं ये राम नाम।
राम के दोनों अक्षर मधुर और सुन्दर हैं। राम राम कहने से मुंह में मिठास पैदा होती हैं। दोनों अक्षर वर्णमाल की दो आंखें हैं। राम के बिना वर्णमाला भी अधूरी हैं। जगत् में सूर्य उजाला करता हैं। चन्द्रमा चांदनी बिखेरता हैं परन्तु इन दोनों में भी ग्रहण लगता हैं, लेकिन राम नाम इन सबसे अलग हैं उसमें कभी कोई ग्रहण नहीं लगता हैं, ना ही वो चन्द्रमा की तरह घटता हैं, राम नाम लगातार बढ़ता ही रहता हैं। कहा भी गया हैं– राम नाम एक ऐसी पूंजी जो जितनी खर्च होती हैं उतनी ही बढ़ती चली जाती हैं।
राम नाम तो अमृत के समान हैं। कहा गया हैं कि सिर्फ राम नाम जपने से ही बड़े-बड़े शास्त्रों का ज्ञान हो जाता हैं, जिसने पढ़ाई नहीं की, शास्त्र नहीं पढ़े उन्हें भी वेदों का ज्ञान हो जाता हैं। राम नाम तो वास्तविक ज्ञान करवाने वाला चतुर दुभाषिया हैं। राम नाम जाप से रोम-रोम पवित्र हो जाता हैं।
सो सुखधाम राम असनामा।
अखिल लोक दायक बिश्रामा॥
यह जो आनन्द के समुद्र और सुख की राशि हैं, और जिस आनन्द सिंधु के एक कण से तीनों लोक सुखी होते हैं, उन का नाम राम हैं। राम सुख का भवन हैं। जो तीनों लोकों को शांति देने वाले हैं वह श्री रामजी हैं।
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥
जन जन के राम जन जन में राम। जय जय श्री राम।
🛕🛕 जय सीताराम जी 🛕🛕
