मानव तस्करी को रोकने के लिए पश्चिम रेलवे द्वारा 77 एंटी ट्रैफिकिंग इकाइयाँ बनाई गई है।
मुंबई, 15 जनवरी, 2024
जागरण न्यूज नेटवर्क ,
भारतीय रेल द्वारा लापता बच्चों का पता लगाने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए एक समर्पित अभियान ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य ट्रेनों/रेलवे स्टेशनों पर पाए जाने वाले बच्चों को बचाना है, जिन्हें देखभाल की जरूरत है। इस ऑपरेशन के तहत वर्ष 2023 में कुल 856 को तस्करों बचाया।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आरपीएफ लापता बच्चों की पहचान करने और उन्हें बचाने का नेक काम करती है जो विभिन्न कारणों से अपने परिवार से बिछड़/अलग हो जाते हैं। इस दिशा में एक समर्पित अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय रेल पर ट्रेनों/रेलवे स्टेशनों पर जरूरतमंद बच्चों को बचाने के लिए ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” शुरू किया गया है ।
वर्ष 2023 के दौरान आरपीएफ कर्मियों द्वारा 850 से अधिक ऐसे बच्चों को बचाया गया, जिनमें से 508 लड़के और 279 लड़कियां थीं। मुंबई मंडल में 313, वडोदरा मंडल में 74, अहमदाबाद मंडल में 125, रतलाम मंडल में 188, राजकोट मंडल में 121 और भावनगर मंडल में 35 बच्चों को बचाया गया।

इस संबंध में ठाकुर ने आगे बताया कि बच्चों को छुड़ाने के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति की अनुमति से नामांकित एनजीओ को सौंप दिया जाता है। इस संबंध में जागरूकता के लिए और रेलवे के संपर्क में आने वाले बच्चों की देखभाल और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कार्यशालाएं, वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गईं तथा आरपीएफ कर्मचारियों को परिपत्र के जरिये विस्तृत निर्देशों की जानकारी दी गई है।
सभी मंडलों में नियमित रूप से राज्य और केंद्र के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकें की जा रही हैं। ट्रेनों में बाल तस्करी की समस्या को खत्म करने के लिए रेलवे ने बचपन बचाओ आंदोलन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इस संबंध में रेलवे द्वारा जनता को जागरूक करने और बाल तस्करी की रोकथाम के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए ट्रेनों के डिब्बों में स्टिकर और पोस्टर प्रदर्शित किये गये हैं।

बता दें , रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इसके अतिरिक्त आरपीएफ द्वारा रेल यात्रियों, उनके सामान के साथ-साथ रेल यात्री क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बखूबी निभायी जाती है। आरपीएफ रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपराधियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करती है। महिलाओं और बच्चों की तस्करी को रोकने के लिए हमेशा सतर्क रहती है तथा रेल क्षेत्रों में पाए जाने वाले निराश्रित बच्चों के पुनर्वास के लिए प्रतिबध्द रहती है।
