कौशल विकास के जरिए लाखों रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे : कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा

युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने के लिए सरकारी स्तर पर व्यवस्था बनाई जाएगी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में दो वर्षों में आईटीआई और एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज का कायाकल्प किया जाएगा
विधान परिषद में चर्चा पर मंत्री लोढ़ा का विस्तृत उत्तर
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र विदेशी निवेश के मामले में देश में अग्रणी बना हुआ है। इन प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से कौशल विकास के आधार पर राज्य के लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। विधान परिषद में विधायक सत्यजीत तांबे और विक्रांत पाटिल द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने यह जवाब दिया।
विधान परिषद में रोजगार के विषय पर हुई चर्चा में मंत्री लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में कौशल विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में राज्य में व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से एशियाई बैंक ने 4200 करोड़ रुपये तथा विश्व बैंक ने कौशल विकास योजनाओं के लिए 1400 करोड़ रुपये की सहायता दी है। इसके माध्यम से राज्य की ITI संस्थाओं का पुनर्निर्माण किया जाएगा। साथ ही उद्योग समूहों के साथ समन्वय स्थापित कर एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज को और मजबूत बनाया जाएगा।
युवा कल्याण आयुक्तालय पर निर्णय मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद युवाओं के लिए अलग युवा कल्याण आयुक्तालय या बोर्ड बनाने की मांग पर मंत्री लोढ़ा ने कहा कि राज्य में विभिन्न विभागों के माध्यम से युवाओं के लिए योजनाएं पहले से सफलतापूर्वक चल रही हैं। नए आयुक्तालय के बारे में मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना के तहत छह सूत्रीय कार्यक्रम
यह योजना युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए है और इसके माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते हैं, हालांकि इसमें स्थायी नौकरी के बारे में कभी भी आश्वस्त नहीं किया गया है। हाला की, युवाओं के मार्गदर्शन के लिए सरकार ने छह बिंदुओं का कार्यक्रम तय किया है:
१) ITI के अल्पकालीन कोर्स में 10% आरक्षण और एक कोर्स के लिए मुफ्त प्रवेश।
२)मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 10% प्राथमिकता।
३) प्रशिक्षित युवाओं की सूची उद्योग विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।
४) MSME के लिए ‘मैच मेकिंग पोर्टल’ के जरिए रोजगार और उद्यमियों को जोड़ना।
५)रोजगार मेलों में विशेष कक्ष और प्राथमिकता।
६)निजी कंपनियों की जरूरत के अनुसार विशेष प्रशिक्षण देकर युवाओं को प्राथमिकता।
मुख्यमंत्री महाफंड योजना से तैयार होंगे लाखों उद्यमी
मंत्री लोढ़ा ने बताया कि अप्रैल से मुख्यमंत्री महाफंड योजना शुरू की जाएगी, जिससे स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा। 30 लाख युवाओं को ऑनलाइन परीक्षा में शामिल किया जाएगा, जिसमें से 5 लाख का चयन होगा और 1 लाख युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा, जिसमें ब्याज का आधा भार सरकार उठाएगी। सफल स्टार्टअप्स को 25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
विदेश में रोजगार के लिए सरकारी तंत्र विकसित किया जाएगा
दुनिया के कई देशों में श्रमिकों की कमी के कारण युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। इन अवसरों को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार विशेष तंत्र विकसित करेगी। मुंबई में स्वामी विवेकानंद प्रबोधिनी केंद्र में जर्मन, फ्रेंच सहित अन्य विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और राज्य के छह स्थानों पर ऐसे केंद्र शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। दावोस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हुए समझौतों से 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिससे 40 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इनमें से कई रोजगार कौशल आधारित होंगे और कौशल विकास विभाग इन अवसरों को युवाओं तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
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