कांग्रेस के 12 पार्षदों को अपने साथ लेने के बाद भी भाजपा के हाथ खाली
अंबरनाथ नगरपरिषद में लहराएगा शिवसेना का भगवा

जा. न्यूज़ ब्यूरो
मुंबई। ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने भाजपा को जोरदार पटखनी दी है। भाजपा ने कांग्रेस के 12 पार्षदों को अपने पाले में लेकर उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ सत्ता स्थापित करने की तैयारी की थी। लेकिन, दोनो उपमुख्यमंत्रियों ने एक दूसरे से हाथ मिलाकर भाजपा के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने शिंदे की शिवसेना को सत्ता से बेदखल करने के लिए बड़ा खेला किया था। लेकिन, पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब एनसीपी के चार और एक निर्दलीय पार्षद ने अंतिम क्षणों में शिवसेना को समर्थन दे दिया। नगर परिषद चुनाव में भाजपा का नगराध्यक्ष चुनाव जीता था लेकिन पार्टी को बहुमत नहीं मिला। भाजपा के 14 तो शिवसेना के 27 पार्षद चुनाव जीते। इसलिए भाजपा ने कांग्रेस के 12 पार्षदों, एनसीपी के 4 और एक निर्दलीय का अंबरनाथ विकास आघाडी बनाकर सत्ता में आने की तैयारी की थी। लेकिन, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे व स्थानीय सांसद श्रीकांत शिंदे ने एक प्रकार से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण को पटखनी दे दी है।
आनंद आश्रम में जुटे पार्षदों ने किया शक्ति प्रदर्शन, मनाया जश्न
शुक्रवार को ठाणे शिवसेना कार्यालय ‘आनंद आश्रम’ में शिवसेना और एनसीपी के पार्षदों की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शन किया गया और जश्न मनाया गया। शिवसेना (शिंदे) गुट ने दावा किया कि अब उनके पास 60 सदस्यीय नगर परिषद में 32 पार्षदों का स्पष्ट बहुमत है और उनकी सत्ता होगी। इस घटनाक्रम से साफ हो गया है कि अंबरनाथ में सिंहासन भले हिला हो, लेकिन शिंदे ने किला बचा लिया है।
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