पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ वैश्विक विचार का जागरण
रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी में दो दिवसीय ‘एकात्म मानव दर्शन’ राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा की संकल्पना, बी. एल. संतोषजी के करकमलों से मंगलवार को उद्घाटन

जा.न्यूज़ व्यूरो
मुंबई। समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास की अवधारणा अर्थात ‘अंत्योदय’ का वैश्विक विचार पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने प्रस्तुत किया था। पंडितजी के इन्हीं मौलिक विचारों पर आधारित ‘एकात्म मानव दर्शन’ राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन उत्तन–भाईंदर स्थित रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी में किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री बी. एल. संतोषजी के करकमलों इस राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन मंगलवार, 29 दिसंबर को होगा। दीनदयाल शोध संस्थान के बीड प्रकल्प प्रमुख उपेंद्र कुलकर्णी जी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा की संकल्पना से साकार हुई इस दो दिवसीय कार्यशाला में देशभर से लगभग 350 प्रतिनिधि भाग लेंगे।
अंत्योदय के माध्यम से ही लोकतंत्र के उद्देश्यों की पूर्ति संभव है—यह मौलिक विचार पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने 60 वर्ष पूर्व मुंबई के रुईया महाविद्यालय में दिए गए ‘एकात्म मानव दर्शन’ व्याख्यान में प्रस्तुत किया था। इन्हीं विचारों के आधार पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जनसेवा की अनेक योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। पंडितजी के विचार नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं; इसी कारण ‘एकात्म मानव दर्शन’ राष्ट्रीय संगोष्ठी की संकल्पना के माध्यम से युवाओं के समक्ष एक नया आदर्श प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है—यह बात कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री श्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने स्पष्ट की।
29 और 30 दिसंबर को आयोजित इस ‘एकात्म मानव दर्शन’ राष्ट्रीय कार्यशाला में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’, राष्ट्र निर्माण का आधार—कौशल विकास, शिक्षा एवं प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण तथा एकात्म मानव दर्शन के समरसता मूल्य शिक्षा जैसे विषयों पर मान्यवरों के मार्गदर्शन और परिसंवाद आयोजित किए जाएंगे। ‘ऑर्गनाइज़र’ (नई दिल्ली संस्करण) के संपादक प्रफुल्ल केतकर के ‘एकात्म मानव दर्शन – वसुधैव कुटुम्बकम’ विषय पर मार्गदर्शन से व्याख्यानमाला का शुभारंभ होगा। इस सत्र की अध्यक्षता पूर्व सांसद श्री विनय सहस्त्रबुद्धे करेंगे। इसके अतिरिक्त भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के विभिन्न मान्यवर, वरिष्ठ पत्रकार उदय निरगुडकर, डॉ. प्रा. प्रशांत साठे, वरिष्ठ सिविल सेवक नरहरी तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. गजानन डांगे सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का मार्गदर्शन भी इस कार्यशाला में प्राप्त होगा।
