भारतीयों के हितों को नज़रअंदाज़ करके विदेशी सलाहकार कंपनियों द्वारा लाखों करोड़ों की लूट…
विकसित भारत की अवधारणा में देशी कंपनियों को अवसर मिलना चाहिए – मंगलप्रभात लोढ़ा
जा.न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। विभिन्न विभागों में विकासात्मक उपक्रमों को लागू करने के लिए वर्तमान में विदेशी कंपनियों को केवल सलाह के नाम पर लाखों करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। ये बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारी लाभ कमाकर अपने देशों में कर भरती हैं। अब यह स्थिति बदलने की आवश्यकता है और विकसित भारत की अवधारणा में भारतीय विचारों वाली कंपनियों को अवसर मिलना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन राज्य के कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री श्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने किया है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में बांद्रा में सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च एंड गवर्नेंस (CPRG) द्वारा आयोजित ‘नगरी – द फ्यूचर ऑफ सिटीज’ इस परिसंवाद का उद्घाटन मंत्री लोढ़ा के हाथों हुआ, इस अवसर पर वे बोल रहे थे। विकसित भारत के शहरों की योजना के दृष्टिकोण से इस परिसंवाद में भविष्य की आधारभूत संरचना विषय पर राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के सदस्य श्री संजीव सान्याल ने भी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से मार्गदर्शन किया।
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि भारतीयों के हितों को दरकिनार कर विदेशी सलाहकार कंपनियाँ भारत में लाखों करोड़ की लूट कर रही हैं। आंकड़ों के अनुसार लगभग एक लाख करोड़ से अधिक राशि इन कंपनियों पर खर्च की जा रही है। इन कंपनियों को होने वाले भारी लाभ से वे अपने देश में टॅक्स जमा करती हैं, जबकि इनके लिए काम करने वाले भारतीयों को केवल नगण्य राशि दी जाती है। भारतीयों के ही कौशल का उपयोग करके ये कंपनियाँ धनोपार्जन कर रही हैं। इस परिस्थिति में भारतीय विचारधारा की स्वदेशी कंपनियों को अधिक सशक्त बनाने का समय आ गया है, ऐसा मंत्री लोढ़ा ने कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल बड़े रास्ते, बड़ी इमारतें और परिवहन व्यवस्था ही विकसित शहरों की अवधारणा नहीं है, बल्कि भौतिक सुविधाओं के साथ हमारी संस्कृति का समन्वय भी होना चाहिए। मुंबई के मालाड–मालवनी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ हुई है, जो किसी भी शहर की सुरक्षा के लिए उचित नहीं है। भविष्य में घुसपैठ रोकने के लिए प्रभावी यंत्रणा होना अत्यावश्यक है, ऐसा स्पष्ट मत मंत्री लोढ़ा ने व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदीजी के सक्षम नेतृत्व में हमारा देश है और बहुत जल्द हम विकसित राष्ट्रों की अग्रणी श्रेणी में होंगे, ऐसा दृढ़ विश्वास भी उन्होंने व्यक्त किया।
सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च एंड गवर्नेंस (CPRG) के संस्थापक और निदेशक डॉ. रामानंदजी पांडे के कार्य का विशेष उल्लेख करते हुए मंत्री लोढ़ा ने बताया कि वे CPRG संस्था के साथ कौशल विकास विभाग का संयुक्त कार्य करने का विचार रखते हैं। इस परिसंवाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनीलजी आंबेकर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री आशिषजी चौहान भी उपस्थित थे।
