
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सार्धशताब्दी महोत्सव के ‘वंदे मातरम्’ गीत के बोधचिह्न का अनावरण
सार्धशताब्दी के अवसर पर सभी तालुकों में होगा ‘वंदे मातरम्’ गीत का सामूहिक गान, मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा और आशीष शेलार की संयुक्त संकल्पना
‘वंदे मातरम्’ गीत की 150वीं वर्षपूर्ति पर कौशल विकास और सांस्कृतिक विभाग के राज्यभर में विविध कार्यक्रम
जा. न्यूज़ संवाददाता
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मंत्रालय में सार्धशताब्दी महोत्सव के ‘वंदे मातरम्’ गीत के बोधचिह्न का अनावरण किया गया। देशभक्ति और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक माने जाने वाले ‘वंदे मातरम्’ गीत को 7 नवंबर 2025 को 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इसी अवसर पर कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा और सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार की संयुक्त संकल्पना से राज्यभर में सार्धशताब्दी महोत्सव मनाया जा रहा है।
राज्यभर में सार्धशताब्दी महोत्सव समिति के माध्यम से देशभक्ति पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें मुख्य रूप से प्रत्येक तालुका स्तर पर ‘वंदे मातरम्’ गीत का सामूहिक गान किया जाएगा। ‘वंदे मातरम्’ बोधचिह्न के अनावरण अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार, सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार, कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, श्रम मंत्री आकाश फुंडकर, मृदा व जलसंधारण मंत्री संजय राठोड़, अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग के मंत्री अतुल सावे, लोक निर्माण मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील सहित कौशल विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा उपस्थित थीं। इस महोत्सव के आधिकारिक लोगो के लिए कौशल विभाग की ओर से बोधचिह्न डिजाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।

1875 में लिखा गया था “वंदे मातरम” राष्ट्र गीत
महान कवि और दार्शनिक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में लिखे ‘वंदे मातरम्’ भारतमाता के इस राष्ट्रगीत को आगामी 7 नवंबर को 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी निमित्त कौशल विकास मंत्री श्री मंगलप्रभात लोढ़ा और सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार की संकल्पना से विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में मंत्री लोढ़ा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गीत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है और देशप्रेम जगाने की अपार शक्ति इस गीत में है। भारतमाता के इस राष्ट्रगीत का गौरव जनता की उत्साही भागीदारी से होना चाहिए। इसी कारण इस महोत्सव के लिए जनता की भागीदारी से बोधचिह्न का चयन किया गया। 5 से 10 सितंबर के बीच ऑनलाइन आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य के 350 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। मुंबई के जे.जे. कला महाविद्यालय के विशेषज्ञ परीक्षकों ने पुणे के अभिनव कला महाविद्यालय के प्राध्यापक रवी पवार द्वारा तैयार किए गए आकर्षक और कलात्मक बोधचिह्न का चयन किया।
कौशल विकास और सांस्कृतिक विभाग मनाएगा सार्धशताब्दी महोत्सव
विभिन्न सामाजिक संगठन, विद्यालय और महाविद्यालयों में तथा सोशल मीडिया पर इस ऐतिहासिक आयोजन को व्यापक रूप देने का कौशल विकास और सांस्कृतिक विभाग का प्रयास है। देशभक्ति को जागृत करने वाले इस सार्धशताब्दी महोत्सव में सभी को सहभागिता करने का आवाहन मंत्री लोढ़ा और मंत्री शेलार ने जनता से किया। राज्य के कौशल विश्वविद्यालय, आचार्य चाणक्य कौशल विकास केंद्र, शासकीय और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सांस्कृतिक विभाग की ओर से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सार्धशताब्दी महोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए शासकीय और अशासकीय सदस्यों की समिति भी गठित की गई है, जिसमें प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शामिल किया गया है। यह जानकारी भी कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने दी।
