देशी भोजन मायने रखता है, केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने किया शुभारंभ
-पालघर में इस्कॉन के गोवर्धन इको विलेज की योजना

जा. न्यूज़ संवाददाता
पालघर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार की तरफ से लगातार आय़ुर्वेदिक सुपर फूड के रुप में मिलेट्स यानी मोटा आनाज को भोजन में शामिल करने के लिए प्रोत्सान दिया जा रहा है। इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा स्थित गोवर्धन इको विलेज में “देसी भोजन मायने रखता है” (नेटिव फूड मैटर) पहल का शुभारंभ किया है।
केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि नेटिव फूड मैटर्स एक ऐसी खाद्य प्रणाली की कल्पना है जो मनुष्य और पर्यावरण दोनो के लिए जरूरी है। उन्होंने मेरी माटी मेरी थाली के रूप में स्थानीय खाद्य पदार्थ को प्रोत्साहन देने के योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि पालघर जिले में पैदा होने वाली धान की अनेक किस्में हैं। इसलिए गोवर्धन इको विलेज में यहां के खाद्य उत्पादो से बने स्थानीय भोजन की पहल प्रसंशनीय है। उन्होंने कहा कि दुनिया में दो प्रमुख समस्याएं है एक मन की और दूसरा पर्यावरण की।

मन की समस्या का समाधान गोवर्धन इको विलेज भक्ति के माध्यम से किया जा सकता है लेकिन पर्यावरण की समस्या के समाधान के लिए प्रयास करने होंगे। वर्तमान में ई-कचरा एक बड़ी समस्या बन गया है। भूपेंद्र यादव ने ऊर्जा बचत, जल संरक्षण और एक स्थायी जीवन शैली को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए गोवर्धन इको विलेज की प्रशंसा की। उन्होंने मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए पारंपरिक खाद्य प्रणालियों के महत्व पर भी बल दिया। गोवर्धन इको विलेज के निदेशक गौरांग दास ने इस पहल के बारे में कहा कि भोजन केवल पोषण का माध्यम नहीं है बल्कि यह पहचान, परिस्थितिकी, समानता और चेतना से जुड़ा है।
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