जा.न्यू. संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र और मुंबई एमएमआर क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जाने वाला गणेशोत्सव विश्वविख्यात है। इस दौरान रात देर तक गणेश भक्त दर्शन हेतु प्रयासरत रहते हैं। ऐसे में भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लोकल और मेट्रो सेवा देर रात तक चालू रखने के लिए रेलवे और मेट्रो प्रशासन से संवाद किया जाएगा, ऐसी जानकारी कौशल विकास मंत्री एवं मुंबई उपनगरीय तथा पालक मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढा ने दी। वे महापालिका के ग्रांट रोड स्थित डी विभाग कार्यालय में आयोजित जनता दरबार को संबोधित कर रहे थे।

गणेशोत्सव के समय महाराष्ट्र के कोने-कोने से भक्त मुंबई आते हैं। इस स्थिति में उनकी सुविधा के लिए सार्वजनिक परिवहन का चालू रहना अत्यंत आवश्यक है। इस संदर्भ में रेलवे और मेट्रो प्रशासन से पत्रव्यवहार जारी है, यह भी मंत्री लोढा ने बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से सरकार को सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए और उनकी समस्याएं जाननी चाहिए। महाराष्ट्र के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को यह सुझाव दिया था, और उसी के अनुरूप इस जनता दरबार का आयोजन किया गया है, ऐसा मंत्री लोढा ने स्पष्ट किया। पिछले एक माह में दक्षिण मुंबई में आयोजित पांच जनता दरबारों में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से लगभग दो हजार नागरिकों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। नागरिकों की समस्याएं एक ही छत के नीचे सुलझाने हेतु म्हाडा, एस.आर.ए., महापालिका और रेलवे समेत कुल 12 विभागों के अधिकारियों को साथ लाया गया। इससे नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाकर तुरंत समस्या समाधान मिल सका, ऐसा लोढा ने बताया।
संक्रमण शिविर उपलब्ध कराए बिना निवासियों को घर खाली करने की नोटिस न दी जाए
जनता दरबार में कई नागरिकों ने म्हाडा से जुड़े पुनर्विकास, मरम्मत और संक्रमण शिविर को लेकर शिकायतें रखीं। कई बार बिना संक्रमण शिविर की सुविधा दिए ही नागरिकों को इमारतें खाली करने के लिए ‘सी टू’ नोटिस थमा दी जाती है। इस संदर्भ में मंत्री लोढा ने निवासियों की बात ध्यान से सुनी। उन्होंने बताया कि जल्द ही म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संजीव जायसवाल से बैठक कर इस विषय पर चर्चा की जाएगी और संक्रमण शिविर उपलब्ध कराए बिना किसी भी निवासी को घर खाली करने की नोटिस न दी जाए, इस आशय की सख्त सूचना दी जाएगी। साथ ही, अगर संक्रमण शिविर उपलब्ध नहीं है तो इमारत की मरम्मत जल्द से जल्द कर नागरिकों को राहत दी जाए, यह भी उन्होंने स्पष्ट किया।
