हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हरियाणा में तीसरी बार कमल खिला है। उन्होंने राज्य में पार्टी की हैट्रिक का जिक्र किया। उन्होंने इसे संविधान की जीत भी बताया। “जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव हुए, वोटों की गिनती हुई और नतीजे घोषित किए गए और यह भारतीय संविधान और लोकतंत्र की जीत है। जम्मू-कश्मीर की जनता ने एनसी गठबंधन को जनादेश दिया, मैं उन्हें भी बधाई देता हूं। अगर वोट शेयर प्रतिशत देखें तो जम्मू-कश्मीर में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.”आज नवरात्री का छठा दिन है मां कात्यायनी की आराधना का दिन है…मां कात्यायनी शेर पर विराजमान होकर हाथ में कमल को धारण किए हुए हम सभी को आशीर्वाद दे रही है। ऐसे पावन दिन हरियाणा में तीसरी बार कमल खिला है।…जम्मू-कश्मीर में दशकों के इंतजार के बाद आखिरकार शांतिपूर्वक चुनाव हुए, वोटों की गिनती हुई, नतीजे आए। ये भारत के संविधान की जीत है, भारत के लोकतंत्र की जीत है…”
जम्मू-कश्मीर की जनता ने भाजपा को सबसे अधिक मत प्रतिशत का आशीर्वाद दिया- अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, “जम्मू-कश्मीर की जनता ने भाजपा को इस विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक मत प्रतिशत का आशीर्वाद दिया है और भाजपा को अब तक के इतिहास में सबसे अधिक सीटें दी हैं। इसके लिए मैं जम्मू-कश्मीर की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही BJP के सभी कार्यकर्ताओं को उनके अथक परिश्रम के लिए बधाई देता हूं। मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा जम्मू-कश्मीर के विकास और सुरक्षा के लिए संकल्पित है। जम्मू-कश्मीर को आतंकमुक्त बनाकर देश के अन्य हिस्सों की तरह इसे विकसित बनाना भाजपा की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
हरियाणा के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की विकास की राजनीति को स्वीकारा है -महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हरियाणा में जो विजय भाजपा को प्राप्त हुई है, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन करता हूं…मैं सभी कार्यकर्ताओं को भी बधाई देता हूं। आज की विजय प्रधानमंत्री मोदी पर देश की जनता के विश्वास की विजय है…इस विजय ने दिखाया है कि हरियाणा के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की विकास की राजनीति को स्वीकारा है…जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की जीत हुई है…” कि भाजपा और केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर चुनावों के बारे में पाकिस्तान के नकारात्मक कथन का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के नतीजे महाराष्ट्र में भाजपा की संभावनाओं को मजबूत करेंगे। भाजपा हरियाणा में सत्ता बरकरार रखने की ओर अग्रसर है, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन जम्मू-कश्मीर पर शासन करने की संभावना है। फडणवीस ने अनुच्छेद 370 के हटने के बाद क्षेत्र की स्थिरता के बारे में विपक्ष की आशंकाओं की आलोचना की, और कहा कि चुनाव निष्पक्ष रूप से आयोजित किए गए थे, जैसा कि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने माना है। इसके अतिरिक्त, बावनकुले ने हरियाणा के परिणामों की पृष्ठभूमि में कांग्रेस की विफलता को उजागर किया। दोनों नेताओं का अनुमान है कि इन चुनाव परिणामों का आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा, जिससे विपक्ष के भीतर सीट आवंटन के बारे में रणनीतिक योजना प्रभावित होगी।
चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने हरियाणा की 90 सीटों में से 48 पर जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है। खास बात है कि भाजपा ने 2019 विधानसभा चुनाव का आंकड़ा पार कर लिया है। उस दौरान पार्टी ने 40 सीटों पर जीत हासिल की थी।
जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव की सभी 90 सीटों के नतीजे आ चुके हैं। सबसे ज्यादा जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 सीटें जीती हैं। भाजपा ने 29 और कांग्रेस पार्टी महज 6 सीटें ही जीत पाई। महबूबा मुफ्ती की पार्टी ने तीन सीटें जीती हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी एक सीट जीती है। 7 सीटें निर्दलीयों के खाते में गई हैं।
90 सीटों वाले हरियाणा में मतदान 5 अक्टूबर को एक ही चरण में पूरा हुआ था, जिसमें अनुमानित 65 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। वहीं, 90 सीटों वाले ही जम्मू और कश्मीर में तीन चरणों में मतदान की प्रक्रिया हुई थी। यहां कुल 63.88 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। इनमें पहले चरण में 61.38, दूसरे चरण में 57.31 और 1 अक्टूबर को हुए तीसरे चरण में वोटिंग पर्सेंट 69.69 प्रतिशत रहा था। वर्ष 2014 के बाद से जम्मू-कश्मीर में पहली बार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में हुए। कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र की 90 सीटों में से पहले चरण में 24, दूसरे चरण में 26 और तीसरे चरण में 40 सीटों पर मतदान हुआ।
90 सीटों वाले हरियाणा में मतदान 5 अक्टूबर को एक ही चरण में पूरा हुआ था, जिसमें अनुमानित 65 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। वहीं, 90 सीटों वाले ही जम्मू और कश्मीर में तीन चरणों में मतदान की प्रक्रिया हुई थी। यहां कुल 63.88 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था।
मुख्य बिंदु:*
1. *भाजपा और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया*: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर चुनावों के बारे में पाकिस्तान के दुष्प्रचार का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है।
2. *चुनाव परिणामों पर राजनीतिक विश्लेषकों का दृष्टिकोण*: विश्लेषकों का मानना है कि हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम महाराष्ट्र में भाजपा की स्थिति को मजबूत करेंगे।
3. *विपक्ष के दावों की आलोचना*: फडणवीस ने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद हिंसा की आशंका के लिए विपक्ष की आलोचना की, और तर्क दिया कि चुनावों ने जम्मू और कश्मीर के लोगों की लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रदर्शित किया।
4. *चुनाव निष्पक्षता पर संदेश*: फडणवीस ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चुनावों की निष्पक्षता पर ध्यान दिया, और भारत के चुनाव आयोग की प्रभावशीलता पर जोर दिया।
5. *कांग्रेस की आलोचना*: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजे कांग्रेस के “नकली आख्यान” के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश हैं, जिसने पिछले चुनावों में उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया था।
6. *महाराष्ट्र चुनावों के लिए निहितार्थ*: फडणवीस और बावनकुले दोनों ने संकेत दिया कि परिणाम आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को प्रभावित करेंगे, जिसमें महायुति गठबंधन (भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी) के मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।
7. *राजनीतिक रणनीति में बदलाव*: विश्लेषकों ने सुझाव दिया कि महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के लिए सीट-बंटवारे के बारे में चर्चा अब अलग तरीके से की जाएगी, खासकर कांग्रेस के लिए एनसीपी और शिवसेना जैसे उसके सहयोगियों के बीच।
