बेधड़क अंदाज़ मे प्रशासक द्वारा प्रदेश मे दी जा रही सहुलीयतों का खोला काला चिट्ठा
पिछले ८ सालों से प्रशासक द्वारा किये , कराये जा रहे अत्याचार , आम जन मानस विरोधी कार्यो को गिनाये
कुमार गौतम, जागरण न्यूज़, दमन
संघ शासित प्रदेश दमन एवम दीव के नवनिर्वाचित सांसद उमेश भाई पटेल लगातार प्रदेश हित मे संसद मे अपनी आवाज़ बुलंद करते रहते है। इसी क्रम मे प्रदेश की आवाज़ को संसद मे बुलंद करते हुए पिछले ८ सालों से हो रहे अत्याचार पर जम कर बरसे। प्राथमिक सुविधाओ से ले कर रोजगार, व्यापार, सड़क, नौकरी पर संसद मे आवाज़ उठाई, जिससे उनके कट्टर विरोधी भी उनके इस अंदाज़ के मुरीद हो रहे है।
लोकसभा में बजट वर्ष 2024-25 की चर्चा में भाग लेते हुए क्षेत्र को विशेष बजट देने और प्रदेश में केन्द्र की सभी योजनाओं की सही क्रियान्वित के लिए सांसद ने आग्रह किया।
सांसद ने बजट चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि केन्द्र सरकार प्रदेश के विकास कराने के लिए प्रयास करती है । लेकिन प्रदेश का प्रशासन, भारत सरकार की नीतियों का सही से इंप्लीमेंट नही करता है। जिससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। लोग बहुत दुःखी हैं। लोगों योजनाओं का सही से लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और…..
सांसद ने संसदीय क्षेत्र की परेशानी को ले कर कहा कि प्रदेश मे हालत हांथी के दाँतों सी हो गयी है जहाँ खाने का और दिखाने के और है।
सरकार रोजगार देने की बाते करती है ओर हमारे यहां बिल्कुल विपरीत रोजगार छीने जा रहे है । कई पोस्ट खाली है पर भरी नहीं जाती है। युवाओं को सालो साल काम कॉन्ट्रैक्ट पर जॉब से निकाला जाता हे।
टूरिस्म को बढ़ावा देने की बाते करती है, और हमारे प्रदेश दमण एवं दीव में बस स्टैंड तक नहीं है।
सरकार FDI द्वारा विदेश इन्वेस्टमेंट बढाना चाहती है ओर हमारा प्रशासन हमारे oci पासपोर्ट धारक भाईयो काम धंधे बंद करवाने के नियम बनाती है।

सरकार गरीबों को आवास देने की बात करती है ओर हमारा प्रशासन गरीबों के घर मकान तोड़ने काम करती है, यहां तक कि प्रधानमंत्री आवास योजनाओं में बनाए घर मकान भी तोड़ दिए जा रहे है।
हमारी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर रोड रास्तों को सुधार ने की बाते करती है हमारे प्रशासन ने सारे रोड रास्तों को खोद खाद के सत्यानाश कर दिया है, यहां तक कि प्रदेश का एक मात्र कॉस्टल हाय वे भी खेती का खेत बन गया है।
सरकार बिजली बढ़ते बिलों से लोगो को राहत देने के उपाय ढूंढ रही है हमारे प्रदेश में पूरे भारत में सबसे सस्ती बिजली देने के बाद भी विभाग 100से 200करोड़ का फायदा करता विभाग को निजी टोरेंट को देकर सस्ती बिजली को 2 से 3 भाव बढ़ाकर भी विभाग को 500करोड का नुक्सान दिखा रहा है।

सरकार वित्तीय घाटा कम करने के प्रयास कर रही है और हमारा प्रशासन विकास कार्य पर मूल लागत से 40%50%के ऊपर काम देने के बावजूद समय सीमा पर काम पूर्ण न करवा कर विकास कार्य की मूल कीमत को 2गुना से 3गुना करवा कर विकास राशि का सत्यानाश कर वित्तीय घाटा बढ़ाने में अहम योगदान दे रहा है।
सरकार हेल्थ सुविधाएं सुधार की बाते करती है और हमारे प्रदेश में गरीबों को सरकारी हॉस्पिटलों में मुफ्त इलाज तक नहीं मिलता, पैसे खर्चने के बावजूद हमें अपने छोटी छोटे इलाज के लिए गुजरात और महाराष्ट्र जाना पड़ता हे।
सरकार शिक्षा सुधार की बाते करते ही पर हमारे प्रदेश मे आजादीके इतने साल बीत जाने के बावजूद SSC एवं HSC बोर्ड तक नहीं है, हमे पढ़ाई के लिए भी गुजरात एवं महाराष्ट्र पर रहना पड़ता हे।

फैक्ट्रीया प्रदेश से पलायन हो रही हैं, बिल्डरों की बिल्डिंगें तोड़ी जा रही है, होटल वालो की होटलों को तोड़ा जा रहा है,बार एंड रेस्टोरेंट वालो लाइसेंस रद किए जा रहे है,छोटे से छोटे काम धंधे से लेकर हर कोई प्रशासन की नितियों से परेशान हे तो प्रदेश का रिवेन्यू एवं रोजगार कैसे बढ़ेगा?
बिल्डिंग बनाने का काम प्रशासन ही करेगा, होटल भी प्रशासन के लोग ही चलाएंगे, दारू भी प्रसाशन ही बेचेगा, स्वराज्य संस्थाओं को भी प्रशासन ही चलाएगा।
