विदर्भ में स्थिति महायुति के लिए अनुकूल, मोदी की जनसभा बड़ी जीत सुनिश्चित करेगी: देवेंद्र फडणवीस
जागरण समाचार , नागपुर,
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि विदर्भ में स्थिति महायुति के लिए अनुकूल है तथा दिन में बाद में होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा इस समर्थन को गठबंधन के वास्ते बड़ी जीत में तब्दील कर देगी। फडणवीस ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कुछ सीट के बंटवारे के सिलसिले में अभी बातचीत पूरी नहीं हुई है तथा इन संसदीय क्षेत्रों में महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में मतदान होगा। उन्होंने कहा कि चंद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा से पहले विदर्भ क्षेत्र में लोगों में भारी उत्साह है।

वरिष्ठ भाजपा नेता फडणवीस ने कहा,
‘‘ विदर्भ में स्थिति महायुति और भाजपा के लिए अनुकूल है। लेकिन मोदीजी की सभा से यह अनुकूलता बढ़ेगी तथा बड़ी जीत में तब्दील होगी।’’
महायुति में सत्तारूढ़ भाजपा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना तथा अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी हैं।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता राज ठाकरे ने पिछले महीने नयी दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री और पूर्व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भेंट की थी। यह इस बात का संकेत है कि भाजपा महाराष्ट्र में अपने गठबंधन की संभावना को बेहतर बनाने के लिए उनके साथ हाथ मिलाने को उत्सुक है। फडणवीस ने कहा, ‘‘हाल ही में भाजपा की मनसे के साथ कुछ चर्चा हुई है। मनसे द्वारा हिंदुत्व एजेंडा को आगे बढ़ाने से वह और भाजपा एकदूसरे के करीब आ रही हैं।’’ उन्होंने कहा,
‘‘ मेरा विश्वास है कि राज ठाकरे और मनसे महायुति एवं मोदीजी का समर्थन करेंगे। यह तो उनकी पार्टी और उन्हें निर्णय लेना है।’’
जब फडणवीस से खडसे की भाजपा में वापसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,
‘‘ भाजपा में शामिल होने तथा मोदीजी के प्रति विश्वास व्यक्त करने वाले किसी भी व्यक्ति का विरोध करने का कोई कारण नहीं है। लेकिन पार्टी ने हमें इसके बारे में आधिकारिक तौर पर नहीं बताया”
अगले 15 दिनों में भाजपा में शामिल होऊंगा : एकनाथ खडसे

मुंबई,
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधान पार्षद एकनाथ खडसे ने संकट के दौरान मदद करने के लिए पार्टी प्रमुख शरद पवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि वह अगले 15 दिनों में अपने मूल संगठन भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे।
वरिष्ठ नेता खडसे को भूमि सौदे के एक मामले के कारण 2016 में पूर्ववर्ती देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट से मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। एक समय महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में से एक खडसे को लगभग पांच साल के लिए राजनीतिक रूप से हाशिये पर धकेल दिया गया था। इसके बाद वह 2020 में राकांपा (अविभाजित) में आए और इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के साथ उनका 40 सालों का रिश्ता खत्म कर दिया।
रविवार को पत्रकारों से खडसे ने कहा,
“मैंने भाजपा में वापस जाने का फैसला किया है क्योंकि यह मेरा घर है। मैंने चार दशकों तक पार्टी की सेवा की है। मैं शरद पवार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने संकट के दौरान मेरी मदद की।”
, “मैंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे नेताओं से बात की है। मैं अगले 15 दिनों में नयी दिल्ली में पार्टी में शामिल होऊंगा। फोन आने के बाद मैं दिल्ली जाऊंगा।”
पिछले साल, जब अजित पवार और आठ अन्य विधायकों के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद राकांपा विभाजित हो गई, तब खडसे ने शरद पवार के साथ रहने को प्राथमिकता दी थी।
महाराष्ट्र: एकनाथ खडसे के आने से भाजपा को ओबीसी वोट हासिल करने में मिलेगी मदद
जागरण न्यूज , मुंबई,
लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व मंत्री और राकांपा विधायक एकनाथ खडसे के लिए रेड कार्पेट बिछाने का भाजपा का कदम ओबीसी कार्ड खेलने और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मराठा समुदाय की नाराजगी से बचने के लिए एक सोचा-समझा कदम है।
गौरतलब है कि मनोज जारांगे-पाटिल मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। खडसे की ‘घर वापसी’ को केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का उद्देश्य खडसे को सम्मान देना है, जो ओबीसी के बड़े नेता हैं। इससे एनडीए गठबंधन का लोकसभा में मिशन 45 प्लस व महाराष्ट्र विधानसभा में 200 प्लस के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय नेतृत्व ने खडसे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और राज्य मंत्री गिरीश महाजन के बीच के मतभेदों के बजाय पार्टी की जीत को प्रमुखता और प्राथमिकता दी है। खडसे के जल्द ही पूरे महाराष्ट्र में पार्टी के प्रचार अभियान में शामिल होने की उम्मीद है। प्रमुख ओबीसी नेताओं में से एक खडसे ने गोपीनाथ मुंडे के साथ महाराष्ट्र में भाजपा के उत्थान के लिए चार दशकों से अधिक समय तक संघर्ष किया था। वह 2020 में पार्टी के राज्य नेतृत्व की आलोचना करते हुए राकांपा में शामिल हो गए थे।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि खडसे के भाजपा में आने से मराठा वोटों के संभावित नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी। पार्टी ने अपना पुराना गौरव हासिल करने के लिए खडसे के अलावा बीड से वंजानी समुदाय से एक अन्य ओबीसी नेता पंकजा मुंडे और परभणी से पार्टी सहयोगी राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक महादेव जानकर को भी संतुष्ट रखने व टिकट देने का समझदारी भरा निर्णय लिया। धनगर समुदाय से आने वाले जानकर को परभणी सीट से अजीत पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के कोटे से महायुति की सीट-बंटवारे की व्यवस्था में समायोजित किया गया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा,
”खडसे की एंट्री से पार्टी का मानना है कि महाराष्ट्र में मराठा वोटों के नुकसान की भरपाई की जा सकती है। पार्टी में खडसे की मौजूदगी से न केवल उत्तर महाराष्ट्र, बल्कि मराठवाड़ा और अन्य हिस्सों में भी पार्टी की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, खडसे मुक्ताईनगर, भुसावल, जलगांव और रावेर विधानसभा क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
खडसे के आने का समय महत्वपूर्ण है। पुणे जिले में उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े एक भूमि सौदे से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत मिल चुकी है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री रहे खडसे को भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद 2016 में इस्तीफा देना पड़ा था।
जनता भी जानती है, आएंगे तो मोदी ही : मुख्यमंत्री योगी

जागरण न्यूज ,वर्धा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को महाराष्ट्र दौरे पर रहे। मुख्यमंत्री योगी ने पहली जनसभा वर्धा से सांसद और भाजपा प्रत्याशी रामदास चंद्रभांजी तड़स के लिए की। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम हर ओर पूरे देश में एक ही भाव है।

आजादी के बाद संभवतः यह पहला आम चुनाव है, जिसके परिणाम के बारे में जनता अवगत है कि आएंगे तो मोदी ही। 10 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को पहचान, सुरक्षा, सम्मान, समृद्धि दी है, गरीब कल्याण के अनेक कार्यक्रम किए हैं। इन्हें ध्यान में रखकर विश्वास से कह सकता हूं कि फिर से आएंगे तो मोदी ही। उन्होंने महाराष्ट्रवासियों को भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएं भी दी। सीएम ने कहा कि आजादी का नेतृत्व करने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने वर्धा की इस पावन धरा को अपनी कर्मभूमि बनाया था।यहां के जरिए उस समय देश के अंदर विदेशी हुकुमूत की चूलों को हिलाने के लिए जो अभियान प्रारंभ किया गया था, महाराष्ट्र की जनता ने उसके जरिए भारत की स्वाधीनता को नई ऊंचाइयां प्रदान करने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि
लोग गर्व से मानते हैं कि भारत दुनिया का सिरमौर है, लेकिन 2014 के पहले ऐसा नहीं था। पहले दुश्मन देश भारत की सीमाओं में घुसते थे। सीमाओं का अतिक्रमण होता था। सरकारें आंखें बंद कर लेती थी, अब ऐसा नहीं होता। ब्रिटेन के एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में खबर छपी थी कि पाकिस्तान के अंदर चुन-चुनकर 20 दुर्दांत आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान इसका शक भारत पर जता रहा है। इसका आशय है कि जिस पाकिस्तान में मुंबई विस्फोट के अपराधी व आतंकवादी छिपे हों, उस पाकिस्तान में भी अब आतंकी सुरक्षित नहीं हैं। यह बात दुनिया ने भी स्वीकार कर ली है। भारत की लड़ाई में दुनिया साथ खड़ी है।
सीएम योगी ने कहा कि
देश के अंदर आतंकी गिरोह अब दुस्साहस भी नहीं कर सकता है। स्थानीय स्तर पर यदि पटाखा भी फूट जाए तो पाकिस्तान पहले ही सफाई देता है कि हमारा हाथ नहीं है, जबकि पहले वह सीना तानकर बोलता था। अब उसे पता है कि पीएम मोदी की सरकार पाकिस्तान में घुसकर काम तमाम कर देगी। भारत में आतंकवाद की सबसे बड़ी जड़ कश्मीर से धारा-370 समाप्त हो गई, जो काम 1952 से 2014 तक नहीं हुआ, वह पीएम मोदी ने एक झटके में कर दिया। पीएम मोदी ने तीन तलाक की कुप्रथा पर रोक लगा दी। बाबा साहेब के पंच तीर्थ का निर्माण भी करा दिया।
मनसे का आज गुढीपाडवा मेला , राज ठाकरे रखेंगे अपना पक्ष
जागरण न्यूज , मुंबई
मंगलवार को गुढी पाडवा के मौके पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के सालाना जलसे में पार्टी प्रमुख राज ठाकरे अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे। ऐसे में इस सभा की तरफ सभी की नजर लगी होगी। मनसे ने लगातार दो बार वर्ष 2014 और 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था, इस बार भी पार्टी चुनाव मैदान में उतरेगी या नहीं? इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
राज ठाकरे ने कुछ दिनों पहले दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरे के बाद भी मनसे की राजनीतिक भूमिका को लेकर फिलहाल अटकलें ही लगाई जा रही है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए प्रचार शुरू हो गया है। मंगलवार को दूसरे चरण के लिए पर्चा वापस लेने की समय सीमा खत्म हो गई है। दूसरे चरण की आठ सीटों पर मुकाबले की स्थिति स्पष्ट हो गई है। शेष तीन चरणों में कुछ लोकसभा सीटों को छोड़कर महायुति और महाविकास आघाड़ी में बीच मतभेद हैं। वंचित बहुजन आघाड़ी ने अधिकाश लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। इसके बावजूद राज ठाकरे ने अभी तक लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
अमित शाह से मुलाकात के बाद और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से उनकी बढ़ती नजदीकियों के चलते उम्मीद है कि राज ठाकरे महायुति में शामिल होंगे। ऐसी चर्चा है कि अगर राज ठाकरे की पार्टी महायुति के साथ जाती है तो उसे दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट दी जाएगी या केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के लोकसभा के लिए चुने जाने पर खाली होने वाली राज्यसभा सीट मनसे को दी जाएगी। ऐसी भी चर्चा है कि विधानसभा चुनाव में मनसे के लिए कुछ सीटें छोड़ी जाएंगी। राजनीतिक गलियारे में जहां इन संभावनाओं पर चर्चा हो रही है, वहीं राज ठाकरे खामोश हैं। मंगलवार के गुढी पाडवा मेले में राज ठाकरे अपनी चुप्पी तोड़ेंगे और अपना रुख साफ करेंगे।
फिलहाल ,सोशल मीडिया पर मनसे का एक टीजर ट्रेंड कर रहा है। इसमें राज ठाकरे की आवाज में एक वीडियो है। इसमें वे कह रहे हैं कि पिछले कुछ सप्ताह से हमारी पार्टी को लेकर तर्क-वितर्क किए जा रहे हैं। मैं इन्हें शांतिपूर्वक देख रहा हूं। आपको कई लोगों ने सवाल पूछकर भ्रमित किया होगा, इन सभी बातों पर बोलने का समय आ गया है। अब यह बताने का समय आ गया है कि वास्तव में क्या हो रहा है। 9 अप्रैल को शिवतीर्थ आएं, मैं आपसे बात करना चाहता हूं।

