
नित नए प्रयोगों से सभी को आकर्षित करने वाली ठाणे महानगर पालिका इन दिनों खासा चर्चा में है , इन दिनों अधिकारियों ने एक अनूठी पहल के तहत पेड़ो पर क्यूआर कोड लगा कर उसके बारे आम जन को जानकारी उपलब्ध कराने की सोच है। जो कि पेड़ पौधों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए रोचक होगा।
‘पार्कों में इनोवेटिव कॉन्सेप्ट’ पहल के तहत, ठाणे महानगर पालिका के 21 पार्कों में पायलट आधार पर लगभग 2000 पेड़ों पर ये क्यूआर कोड स्थापित किए गए हैं। जिसका उद्देश्य है कि ठाणे के नागरिक आसानी से शहर में मौजूद पेड़ों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें, या पेड़ की प्रजातियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके मुताबिक, ठाणे नगर निगम क्षेत्र के पार्कों में पेड़ों की जानकारी के लिए पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाया गया है। इस कोड को मोबाइल फोन पर स्कैन करने के बाद नागरिकों को पेड़ के बारे में जानकारी दो भाषाओं मराठी और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी।

‘इनोवेटिव कॉन्सेप्ट्स इन गार्डन्स’ पहल के तहत, ठाणे नगर निगम के 21 उद्यानों में पायलट आधार पर लगभग 2000 पेड़ों पर ये क्यूआर कोड स्थापित किए गए हैं।
ठाणे उपायुक्त (पार्क) मिताली संचेती ने कहा कि नागरिकों से प्राप्त प्रतिक्रिया, सुझाव और फीडबैक को ध्यान में रखते हुए नगर निगम सीमा के सभी पार्कों में इस तरह से क्यूआर कोड लगाने का इरादा है।

आयुक्त अभिजीत बांगर के निर्देशानुसार उद्यान विभाग और वृक्ष प्राधिकरण नगर निगम के पार्कों को और अधिक नागरिक अनुकूल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। तदनुसार, ‘चला वचुया’ अभियान के तहत कुछ पार्कों में प्रकृति पुस्तकालय शुरू किए गए हैं। उन्हें नागरिकों से उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया मिल रही है। उपायुक्त संचेती ने बताया कि उसी श्रृंखला में अब यह क्यूआर कोड लगाने की पहल की गयी है।

पेड़ का रजिस्ट्रेशन करने के बाद उसी हिसाब से ये क्यूआर कोड तैयार किए गए हैं. इस तरह करीब 2000 पेड़ों की जानकारी जुटाई गई है. इन 2000 से अधिक पेड़ों को इन क्यूआर कोड को लागू करते हुए नायलॉन की रस्सी से बांध दिया गया है। संचेती ने यह भी बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा गया है कि पेड़ों को कोई नुकसान न हो।
स्मार्टफोन में स्कैनर पर पेड़ पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर प्रस्तुत जानकारी में पेड़ का नाम, वानस्पतिक नाम, पेड़ों की विशेषताएं, उत्पत्ति का स्थान आदि शामिल हैं।
