यहां हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि केवल यह ज्योतिषीय दृष्टि है, वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
स्व.अजीत पावर को जागरण परिवार श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

👉यह लेख केवल ज्योतिषीय विचार को प्रकट करता है।
👉विशेष नोट: ज्योतिष एक अथाह सागर है और यह विश्लेषण मेदिनी ज्योतिष एवं घटना काल के सिद्धांतों पर आधारित एक शोधपरक प्रयास है। जन्म विवरण की अनुपलब्धता के कारण मृत्यु के समय की प्रश्न कुंडली ही एकमात्र प्रामाणिक आधार है। विद्वतजनों से तार्किक विमर्श का स्वागत है, किंतु कुतर्क, मर्यादाहीन एवं अभद्र टिप्पणियाँ आपके स्वयं के संस्कार और ज्योतिषीय समझ को प्रदर्शित करती हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति के क्षितिज पर जो वज्रपात हुआ है वह प्रथम दृष्टया भले ही एक तकनीकी विफलता या दुर्भाग्यपूर्ण विमान दुर्घटना प्रतीत हो किंतु ज्योतिषीय चक्षुओं से देखने पर आकाश में ग्रहों की स्थिति एक अलग ही और बेहद खौफनाक दास्तां बयां करती है।
28 जनवरी 2026 की प्रातः 8:45 बजे की प्रश्न कुंडली मात्र किसी जीवन के अवसान का लेखा जोखा नहीं है बल्कि यह एक गहरी दुरभिसंधि और भीतरघात का दस्तावेज है।
ज्योतिष के अनुसार जब कुंभ लग्न की इस कुंडली के मर्म को स्पर्श करते हैं तो स्पष्ट होता है कि यह घटना केवल विधि का विधान नहीं बल्कि मानवीय हस्तक्षेप और उच्च स्तरीय षड्यंत्र का परिणाम अधिक लगती है।
घटना के समय उदित कुंभ लग्न और ग्रहों का विन्यास जिस प्रकार का मृत्यु योग निर्मित कर रहा है वह सामान्य नहीं है। इस त्रासदी के पीछे छिपे ज्योतिषीय तथ्य चीख चीखकर कह रहे हैं कि जिसे हम दुर्घटना मान रहे हैं वह दरअसल एक सुनियोजित वार था।
कुंभ लग्न में राहु का सोलह अंश पर बैठना और वह भी शतभिषा नक्षत्र में यह सबसे बड़ा प्रमाण है कि घटना के मूल में धोखा है। शतभिषा राहु का अपना नक्षत्र है जो तकनीकी आवरण और भ्रम पैदा करता है। यह इंगित करता है कि विमान में कोई ऐसी अदृश्य छेड़छाड़ की गई थी जिसे पकड़ना आसान नहीं था।
मृत्यु भाव का स्वामी बुध बारहवें भाव में यानी व्यय और गुप्त शत्रु के भाव में बैठा है। ज्योतिष शास्त्र का यह अकाट्य सूत्र है कि जब मृत्यु का स्वामी गुप्त शत्रुओं के घर में जाए तो अंत स्वाभाविक नहीं होता। यह अपने ही लोगों या छिपे हुए शत्रुओं द्वारा दिए गए आघात का सूचक है।
द्वादश भाव में मंगल और प्लूटो का विध्वंसक गठजोड़
बारहवें भाव में मकर राशि के अंतर्गत उच्च के मंगल और प्लूटो की युति राजनीतिक प्रतिशोध और विस्फोटक साजिश का निर्माण करती है। उच्च का मंगल बताता है कि षड्यंत्रकारी बेहद शक्तिशाली और सत्ता के निकट हैं जिन्होंने हिंसा का मार्ग चुना।
वाहन का कारक शुक्र बारहवें भाव में सूर्य और मंगल जैसे क्रूर ग्रहों के बीच फंसा है। यह दर्शाता है कि विमान को ही हथियार बनाया गया और उसे पूरी तरह नष्ट करने की योजना पहले से तैयार थी।
इस प्रकार लग्नेश शनि का अपने घर से दूर और अष्टमेश का गुप्त शत्रुओं के भाव में होना इस बात की पुष्टि करता है कि सुरक्षा तंत्र में सेंध लगाई गई थी। यह कुंडली स्पष्ट करती है कि आकाश में हुआ यह हादसा जमीन पर रची गई किसी गहरी साजिश का ही क्रियान्वयन था। ग्रहों की यह गवाही किसी भी फॉरेंसिक जांच के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा हो सकती है।
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AI द्वारा भी इस कुंडली के बारे में कुछ तथ्यों को दर्शाया गया है। जिसमें भी गुप्त शत्रु और स्वास्थ्य/यात्रा जोखिम दर्शाता है।
अजीत पवार की इस कुंडली का ज्योतिषीय विश्लेषण दर्शाता है कि लग्न तुला है, जिसमें शुक्र (लग्नेश) 12वें भाव में नीच राशि कन्या में है। यह राजनीतिक उतार-चढ़ाव, गुप्त शत्रु और स्वास्थ्य/यात्रा जोखिम दर्शाता है।
कुंडली संरचनालग्न: तुला (चित्र से प्रथम भाव)।
चंद्र: 11वें भाव में सिंह राशि (सूर्य, बुध, राहु संगम); उच्च महत्वाकांक्षा लेकिन अस्थिरत
मुख्य ग्रह: मंगल 2/8 में, शनि 3/9, गुरु 4/10, केतु 6/12।
हादसे/षड्यंत्र संकेतज्योतिष में 12वें भाव का नीच शुक्र (लग्नेश) गुप्त षड्यंत्र या हानि का कारक है।
राहु 11वें में सूर्य-बुध पर (मंगल दृष्टि) यात्रा दुर्घटना या विश्वासघात दर्शाता है।
वर्तमान गोचर (जनवरी 2026): शनि मीन (5वें भाव) दशा-अंतर्दशा में संकट बढ़ा सकता है
राजनीतिक प्रभावमजबूत पक्ष: गुरु 10वें में (कर्म भाव) उच्च पद, लेकिन केतु संगम से अचानक पतन
कमजोरी: 6/8/12 त्रिकोण सक्रिय (मंगल, केतु, शुक्र); शत्रु-विवाद।
