मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन
जागरण संवाददाता द्वारा,
नालासोपारा (मुंबई) के शाहीना क्लिनिक के डॉक्टर खान झभीउल्ला उब्दुला पर बिना पात्रता के अवैध रूप से गर्भपात की दवाइयाँ देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
वसई–विरार महानगरपालिका के वैद्यकीय अधिकारी डॉ. कृष्णा (युवराज) गोसावी की शिकायत पर पेल्हार पुलिस थाने में डॉक्टर खान के खिलाफ केस दर्ज हुआ।आरोप है कि डॉक्टर खान, जो बीएएमएस डिग्रीधारक हैं, स्त्रीरोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ नहीं होते हुए भी क्लिनिक में गर्भपात की गोलियाँ और संबंधित उपचार दे रहे थे।
स्वास्थ्य विभाग ने पहले एक डमी मरीज को शाहीना क्लिनिक (सिद्धिविनायक चॉल, धानीवबाग तालाब, नालासोपारा पूर्व) पर भेजकर वहाँ हो रही गतिविधियों की जानकारी जुटाई।इसके बाद वैद्यकीय अधिकारी डॉ. कृष्णा गोसावी, डॉ. पूजा गुप्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर छापा मारकर क्लिनिक की जांच की।
जांच के दौरान क्लिनिक में एलोपैथिक इंजेक्शन, सलाइन, एंटीबायोटिक्स, डिस्चार्ज कार्ड, हॉस्पिटल एडमिशन पेपर, प्रेग्नेंसी टेस्ट (UPT) किट आदि कई चिकित्सा सामग्री बिना आवश्यक अधिकार के उपयोग में पाई गई। पंचों की मौजूदगी में यह सामग्री सील की गई और रिकॉर्ड के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि डॉक्टर खान को न तो गर्भपात की दवाइयाँ देने का अधिकार है और न ही वे अधिकृत स्त्रीरोग विशेषज्ञ हैं।
डॉक्टर खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (भा.न्या.संहिता) की धारा 318 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।साथ ही मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए भी कार्रवाई की जा रही है, क्योंकि बिना मान्य योग्यता और आवश्यक अनुमतियों के गर्भपात करना कानूनन अपराध है।
पुलिस और वसई–विरार महानगरपालिका का स्वास्थ्य विभाग इस मामले में आगे की जांच कर रहे हैं, जिसमें क्लिनिक के कागजात, पेशेंट रिकॉर्ड और जब्त दवाओं की वैधता की भी पड़ताल शामिल है।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि कितने मरीजों पर अवैध तरीके से गर्भपात या संबंधित दवाइयों का उपयोग किया गया और क्या इससे किसी मरीज को गंभीर नुकसान हुआ है।
