बिहार में कोसी, गंडक, बागमती नदी कहर बरपा रही है, तेज बहाव ने तटबंधों को ध्वस्त कर दिया है। अब तक सात तटबंध टूट चुके हैं। इससे कई गांवों को बाढ़ का पानी घुस गया है। दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर और बगहा में कुल सात तटबंध टूट गए।
गंगा, बूढ़ी राप्ती, रोहिणी, क्वानो और गंडक नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण उत्तर प्रदेश के दस जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। बीते 24 घंटे में दस लोगों की मौत हुई है। सीएम योगी ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

बताया जा रहा है कि कोसी और गंडक नदी में पानी छोड़ने के रफ्तार में कमी आई है। अभी उत्तर बिहार में अगले 48 घंटे तक स्थिति चिंताजनक है।वहीं गंगा भी पटना में खतरे के निशान को फिर पार कर गई। इधर, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने तीन दिन तक अभियंताओं को अलर्ट रहने को कहा है।
बिहार में कोसी, गंडक, बागमती नदी कहर बरपा रही है। अब तक दो गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। करीब तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। बिहार सरकार ने अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में सात तटबंध टूट गया। दरभंगा के किरतपुर प्रखंड के भभौल गांव के पास कोसी नदी का देर रात भूभौल गांव तटबंध टूट गया है। इस तटबंध के टूटने से किरतपुर प्रखंड और घन्यश्यामपुर प्रखंड में बाढ़ से तबाही मच गया है। वहीं सीतामढ़ी और शिवहर में कुल पांच तटबंधन को बागमती नदी की तेज धारा ने ध्वस्त कर दिया है। पश्चिम चंपारण के बगहा में तटबंध टूट गया। इस कारण बगहा के कार्यपालक अभियंता निशिकांत कुमार को निलंबित कर दिया गया।

सीतामढ़ी में जिले के बेलसंड प्रखंड स्थित मधकौल गांव के समीप बागमती तटबंध में माउस होल से हो रहे रिसाव के कारण बांध टूट गया, जिससे 15 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे 30 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर दिया है। प्रभावित गांवों में मधकौल के साथ-साथ जाफरपुर, पंडहिया, ओलीपुर, कंसार और बसौल प्रमुख हैं, जहां पांच फीट तक पानी घुस गया है। आने जाने वाले मुख्य सड़क के साथ ही ग्रामीण सड़कों पर पानी का बहाव तेज है। बाढ़ प्रभावित लोग छतों के साथ ही घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। इधर, एसडीआरएफ की टीम लोगों की रेस्क्यू में जुट गई है। लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है।

बांध टूटने के बाद 30 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। पानी का बहाव को है वह काफी तेजी से हो रहा है। बांध फिलहाल 50 फीट टूटा है लेकिन हालात यह है कि इसका दायरा बढ़ता ही जा रहा है। लोग ऊंचे स्थान की ओर निकल गए है। अभी भी सैकड़ो लोग फंसे हुए हैं, जिनको निकालने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ साथ आसपास के लोग जुटे हुए है। बताया जा रहा है की सैकड़ो लोगो के घर डूब गए हैं, जिसके चलते उनके जिंदगी भर की कमाई भी उसी में बह गई हैं। सैकड़ो की संख्या में मवेशी भी बह गए है। हालांकि, कुछ मवेशियों का रेस्क्यू किया गया हैं। घर में रखे सारे समान को छोड़कर लोग ऊंचे स्थान पर अपने बच्चो को लेकर भाग रहे हैं। बांध टूटने के बाद से अब पानी का बहाव रून्नीसैदपुर प्रखंड के गांवों की ओर बढ़ रहा है, जिससे और अधिक गांवों को खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों की स्थिति चिंताजनक है, और उन्हें तत्काल राहत सामग्री की आवश्यकता है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को अब इस संकट का समाधान निकालने के लिए त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है।
